Chhatrapati Sambhajinagar Gutkha Mafia: राज्य में प्रतिबंधित गुटखे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान गुटखा तस्करों ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के दल पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। जिले के गंगापुर तहसील के रहीमपुर गांव में सोमवार देर रात छापेमारी के लिए पहुंची टीम को न केवल धमकाया गया, बल्कि गोली मारो चिल्लाते हुए स्कॉर्पियो वाहन से कुचलने का प्रयास भी किया गया।
अधिकारियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त विवेक पाटिल को सूचना मिली थी कि वैजापुर और गंगापुर क्षेत्र में भारी मात्रा में प्रतिबंधित गुटखे का भंडारण किया गया है। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रज्ञा सुरसे, फरीद सिद्दीकी तथा नमूना सहायक अमोल कांबले की टीम सोमवार रात जांच के लिए रवाना हुई।
कार्रवाई के दौरान एक बुलेट मोटरसाइकिल और दूसरी बाइक पर सवार युवक लगातार अधिकारियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। अधिकारियों ने जब वालूज पुलिस थाना प्रभारी शिवचरण पांढरे को मोबाइल पर सूचना दी, तब तक रेकी कर रहे लोगों ने अपने साथियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी पहुंचा दी।
कुछ ही देर बाद दो संदिग्ध चारपहिया वाहन और फिर एक काली स्कॉर्पियो वहां पहुंची। वाहन में सवार लोग गाली-गलौज करते हुए "गोली मारो" चिल्लाने लगे और तेज गति से स्कॉर्पियो सीधे अधिकारियों की ओर बढ़ा दी। महिला अधिकारी प्रज्ञा सुरसे समेत तीनों अधिकारियों ने अलग-अलग दिशाओं में भागकर अपनी जान बचाई। इस अफरातफरी का फायदा उठाकर एक आरोपी आयशर वाहन लेकर फरार हो गया।
ये भी पढ़े:- नासिक विधान परिषद चुनाव: निर्दलीय गोकुल गिते के मैदान में डटे रहने से मुकाबला हुआ त्रिकोणीय, बढ़ी हलचल
घटना के बाद टीम सीधे वालूज पुलिस थाने पहुंची। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निगरानी कर रहे सुनील जयराम ढोले और सागर रामकिसन झलके को हिरासत में लिया। पूछताछ में प्रभाकर सोलुंके, नजीर शेख, दत्ता सुभाष पाटेकर, सद्दाम शेख और परशुराम गायकवाड के नाम सामने आए, खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रज्ञा सुरसे की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
राज्य में आयुक्त तुकाराम मुंढे के कार्यभार संभालने के बाद गुटखा कारोबार और मिलावट के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में छत्रपति संभाजीनगर जिले में करोड़ों रुपये का प्रतिबंधित माल जब्त किया गया है। लगातार हो रही कार्रवाई से गुटखा तस्करों में बेचैनी बढ़ गई है और अब वे छापेमारी दलों की गतिविधियों पर नजर रखकर दबाव और दहशत का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे है।