Chhatrapati Sambhajinagar Gunthewari Regularization: छत्रपति संभाजीनगर शहर में गुंठेवारी योजना के तहत भूखंडों के नियमितीकरण का रास्ता आसान बनाने के लिए मनपा प्रशासन बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। वर्तमान में खाली भूखंडों के नियमितीकरण पर लगाए जाने वाले 100 प्रतिशत बेटरमेंट शुल्क को घटाकर लगभग 50 प्रतिशत करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद इस प्रस्ताव को मनपा की आम सभा में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर हजारों भूखंड धारकों को आर्थिक राहत मिलने की संभावना है।
हाल ही में छत्रपति संभाजीनगर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (सीएसएमआरडीए) ने अपने क्षेत्र में गुंठेवारी के अंतर्गत भूखंड नियमितीकरण के लिए बेटरमेंट शुल्क में 90% तक की छूट देने का निर्णय लिया था। इसके बाद शहर के नागरिकों और भूखंड मालिकों ने मनपा क्षेत्र में भी इसी प्रकार की राहत देने की मांग तेज कर दी। नागरिकों की मांग और मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने शुल्क संरचना की समीक्षा शुरू की है।
अधिकारियों का मानना है कि यदि बेटरमेंट शुल्क में 50 प्रतिशत तक की कमी की जाती है, तो बड़ी संख्या में भूखंड मालिक अपने भूखंड नियमित कराने के लिए आगे आएंगे। इससे लंबे समय से लंबित मामलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा और प्रशासन को भी नियमितीकरण अभियान को सफल बनाने में मदद मिलेगी।
छत्रपति संभाजीनगर मनपा क्षेत्र में दिसंबर 2020 से पहले के अनधिकृत निर्माण और भूखंडों को गुंठेवारी कानून के तहत नियमित करने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने भवनों के नियमितीकरण पर बेटरमेंट शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया है, लेकिन खुले भूखंडों पर अब भी 100 प्रतिशत शुल्क वसूला जा रहा है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में भूखंड मालिक नियमितीकरण की प्रक्रिया से दूर हैं। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में, जहां रेडी रेकनर दरें अधिक हैं, वहां नागरिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
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विप चुनाव के कारण वर्तमान में आचार संहिता लागू है जो 22 जून के बाद समाप्त होने की संभावना है। इसके बाद मनपा की सामान्य सभा में बेटरमेंट शुल्क में कटौती का प्रस्ताव चर्चा व मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है तो शहर के - हजारों संपत्ति धारकों को सीधा लाभ मिलेगा और गुंठेवारी नियमितीकरण अभियान को नई गति मिलेगी।