Chhatrapati Sambhajinagar Collector Vinay Gowda: छत्रपति संभाजीनगर जिले के निर्यात योग्य उत्पादों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने व छत्रपति संभाजीनगर को 'निर्यात जिला' के रूप में विकसित करने के लिए औद्योगिक संगठनों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, यह आह्वान जिलाधिकारी विनय गौड़ा जीसी ने डीईपीसी की बैठक में किया।
इस मौके पर निर्यातकों को आने वाली समस्याओं, बुनियादी सुविधाओं, लॉजिस्टिक्स, कौशल विकास व उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को निर्यात क्षेत्र की ओर आकर्षित करने के लिए विशेष जागरूकता व मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि 'डिस्ट्रिक्ट ऐज एक्सपोर्ट हब' पहल के तहत जिले के वर्तमान व संभावित निर्यातकों का अद्यतन
डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण, मार्गदर्शन व सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक उद्योग वैश्विक बाजार से जुड़ सकें। बैठक में 16 व 17 जून 2026 को आयोजित होने वाली 'रिवर्स बायर सेलर मीट' की भी समीक्षा की गई। छत्रपति संभाजीनगर जिलाधिकारी ने औद्योगिक संगठनों से अपील की कि अधिकाधिक निर्यातक व उद्योग इस कार्यक्रम में भाग लें, जिससे जिले के उत्पादों को नए बाजार व व्यापारिक अवसर प्राप्त हो सकें।
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छत्रपति संभाजीनगर जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक करुणा खरात, विदेश व्यापार अधिकारी अजय कोरला, सीएमआईए के उत्सव माच्छर, निर्यातक ऋषिकेश जाजू, इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के मुकेश समतानी, एमएसएसआईडीसी के निखिल चौधरी, एमएसएमई कार्यालय की सहायक निदेशक सुनीता धयाल, जिला अग्रणी बैंक अधिकारी प्रेषित मोघे, सीएमआईए के मिहिर सौंदलगेकर, राजेंद्र चौधरी, विरेन पाटील, उद्योग क्रान्ति के सुरेश फुलारे तथा मासिआ समेत विभिन्न औद्योगिक संगठनों, निर्यातकों व बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधि मौजूद थे।