छत्रपति संभाजीनगर: 'बारिश की हर बूंद कीमती', जलशक्ति अभियान की बैठक में कलेक्टर विनय गौड़ा के सख्त निर्देश

Chhatrapati Sambhajinagar News: संभाजीनगर के जिलाधिकारी विनय गौड़ा ने जलशक्ति अभियान की समीक्षा की। उन्होंने बारिश की हर बूंद को सहेजने और जल संरक्षण उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
Chhatrapati Sambhajinagar Collector Vinay Gowda chaired a Jal Shakti Abhiyan review meet. He urged departments to implement rainwater harvesting measures effectively.
छत्रपति संभाजीनगर जिलाधिकारी विनय गौड़ा (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Chhatrapati Sambhajinagar Collector Vinay Gowda: छत्रपति संभाजीनगर बारिश की एक-एक बूंद कीमती है। इसकी अहमियत को देखते हुए आगामी बारिश के मौसम में होने वाली वर्षा की हरेक बूंद को जमीन में समाहित कर जलग्रहण क्षेत्र आधारित विकास कार्य किए जाएं। यही नहीं, जिले की सभी संबंधित एजेंसियां बारिश के पानी की हर बूंद को जमीन में पहुंचाने के लिए तैयारी करें।

जलशक्ति अभियान के तहत वर्षा का पानी बहकर नहीं जाने के लिए वर्षा जल संरक्षण के विभिन्न उपाय अपनाएं, यह निर्देश जिलाधिकारी विनय गौड़ा जी.सी. ने दिए।जिलाधिकारी कार्यालय में जलशक्ति अभियान की समीक्षा बैठक में वे बोल रहे थे।

इस अवसर पर जिप के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी वासुदेव सालुंके, जिला कृषि विकास अधिकारी प्रकाश पाटील, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी दीपक गवली, जिला जलसंधारण अधिकारी नरेंद्र कटके, ग्रामीण जलापूर्ति उपअभियंता एमजी नांद्रे, सहायक पशु आयुक्त डॉ. आरडी इंगले, उपजिलाधिकारी (रोगायो) रूपेश सिंगारे, जिला दुग्ध विकास अधिकारी मनीषा हराल-मोरे, वरिष्ठ भूवैज्ञानिक जीवन बेडवाल संग विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री धनधान्य कृषि योजना की जिलाधिकारी ने की समीक्षा

छत्रपति संभाजीनगर  जिलाधिकारी विनय गौड़ा ने प्रधानमंत्री धनधान्य कृषि योजना की समीक्षा भी की। उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे समतल चर, सोख गड्ढे, बंडिंग, भूमिगत रिचार्ज शाफ्ट, छोटे बांध, नालों की गहराई बढ़ाना व कुओं का पुनर्भरण जैसे कार्य किए जा सकते हैं। विभिन्न विभागों के जरिए ये उपाय लागू किए जा रहे हैं, जिनमें जलयुक्त शिवार अभियान के कार्य भी शामिल है।

छत्रपति संभाजीनगर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि हर क्षेत्र के जलग्रहण क्षेत्र के अनुसार पानी रोककर उसका विकास किया जाए। वर्षा जल को जमीन में समाहित करने का संकल्प भी लिया जाए। जलसंचय जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत नागरिकों की सहभागिता पर भी उन्होंने जोर दिया

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