Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: कुंभमेला 2027 के अवसर पर जिले के छत्रपति संभाजीनगर, एलोरा, पैठण और आपेगांव क्षेत्रों के लिए विकास योजना तैयार करते समय, हमारे जिले में स्थायी सुविधाओं का विकास हो और पर्यटन के क्षेत्र में जिले की पहचान पूरे देश में हो तथा पर्यटन क्षमता में वृद्धि हो।
इस नियोजन के तहत काम करें। यह निर्देश राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री और जिले के पालक मंत्री संजय शिरसाट ने शुक्रवार को यहां दिए। छत्रपति संभाजीनगर, एलोरा, पैठण और आपेगांव कुंभ मेला 2027 विकास योजना के संबंध में पालकमंत्री संजय शिरसाट की अध्यक्षता में एक बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई।
बैठक में राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अतुल सावे, राज्यसभा सदस्य डॉ भागवत कराड, सांसद डॉ। कल्याण काले, विधायक विक्रम काले, प्रशांत बंब, रमेश बोरनारे, विलास भुमरे के अलावा जिला कलेक्टर दिलीप स्वामी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकित, ग्रामीण के एसपी डॉ। विनय कुमार राठौड़, जिला योजना अधिकारी भारत वायाल, मुख्य अभियंता अतुल चव्हाण और सभी विभागों के प्रमुख उपस्थित थे।
सुरक्षा व्यवस्था :- सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से 24 घंटे निगरानी, अस्थायी पुलिस चौकिया और नियंत्रण कक्ष स्थापित करना, आपदा प्रतिक्रिया दल और अग्निशमन केंद्र स्थापित करना, स्वास्थ्य सेवा दल तैयार रखना, सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन, महिला पुलिस की तैनाती, वैरिकेडिंग, सेग्रेशन दीवारें, सुरक्षा मार्ग आदि। अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों के लिए हेलीपैड, विश्राम गृह आदि की स्थापना शामिल है। पर्यटन योजनाः- एलोरा गुफाओं और मंदिरों की सजावट और प्रकाश व्यवस्था, दर्शन कार्यक्रम की योजना, बहुभाषी जानकारी आदि सुलभ कराना जरूरी है।
विकास कार्यों की योजना 7,126 करोड़ 29 लाख एलोरा और छत्रपति संभाजीनगर में विकास कार्यों की योजना 7126 करोड़ 29 लाख रुपए और पैठण व आपेगांव के लिए योजना 2507 करोड़ 22 लाख रुपए है, कुल मिलाकर 9633 करोड़ 51 लाख रुपए की योजना है। पार्किंग स्थलों के लिए 130 हेक्टेयर क्षेत्र में पार्किंग और आवास व्यवस्था की योजना बनाई गई है। इसमे धुले सोलापुर राजमार्ग, धुले सोलापुर राजमार्ग (कन्नड़ के पास), खुलताबाद रोड और छत्रपति संभाजी नगर राज्य राजमार्ग 52 जैसे स्थानों पर ये पार्किंग स्थल और आवास व्यवस्था बनाई जाएगी इसके अलावा, सड़कों का चौड़ीकरण, डामरीकरण, एक तरफा सड़कें, फेरी बसे, धार्मिक स्थलों के पास ई-रिक्शा सेवाएँ, बस अड्डों पर रियल टाइम डिस्प्ले, आपातकालीन वाहनों के लिए आरक्षित लेन, डिजिटल यातायात प्रबंधन के लिए जीपीएस युक्त स्ट्रीट लाइटे, यातायात संकेत, दिशा सूचक और सूचना पट्टे, ई। वाहन पार्किंग और चार्जिंग स्टेशन आदि शामिल रहेंगे।