Govind Yadav Resignation: गंगाखेड़ म्युनिसिपल काउंसिल चुनाव में कांग्रेस पार्टी की करारी हार के बाद संगठन के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। वरिष्ठ नेताओं की कथित उदासीनता के विरोध में कांग्रेस तालुका अध्यक्ष गोविंद यादव ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता के साथ-साथ अपने पद से भी सार्वजनिक रूप से इस्तीफा दे दिया।एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गोविंद यादव ने पार्टी नेतृत्व पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान अपने ही कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर खुद का नुकसान किया है।
यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान जिला अध्यक्ष, पूर्व विधायक बाबाजानी दुर्रानी सहित जिले के अन्य पूर्व विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी उम्मीदवारों व कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़े नहीं रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं को कमतर आंका गया, जबकि उन्होंने चुनाव में पूरी मेहनत और निष्ठा के साथ काम किया।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस की हार की असली वजह यही रही कि सीनियर नेताओं ने कार्यकर्ताओं से मुंह मोड़ लिया।” यादव ने सवाल उठाया कि यदि नगर निकाय चुनावों में कार्यकर्ताओं के साथ ऐसा व्यवहार किया जाएगा, तो आने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में वे किस भरोसे काम करेंगे।
गोविंद यादव ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह कठोर निर्णय इसलिए लिया है क्योंकि लगातार उपेक्षा से कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है। उनके इस्तीफे से तालुका स्तर पर कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी और आंतरिक कलह उजागर हो गई है।
इस घटनाक्रम के बीच कांग्रेस तालुका उपाध्यक्ष दत्ता भिसे ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे पार्टी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुपरगांव के उपसरपंच लक्ष्मण घोलप, समता परिषद के तालुका अध्यक्ष बालाजी यादव, सखाराम बोबड़े सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।