CMIA Marathwada Growth Hub: मराठवाड़ा को देश के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में चेंबर ऑफ मराठवाड़ा इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (सीएमआईए) ने बड़ा कदम उठाया है। नई कार्यकारिणी के गठन के बाद पहली बार सीएमआईए के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लेहिरी तथा प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य डॉ. संजीव सन्याल से मुलाकात कर मराठवाड़ा के समग्र विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित औद्योगिक निवेश को सफल बनाने के लिए केवल उद्योग स्थापित करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा, पर्यटन, कृषि, शहरी विकास और कौशल निर्माण को समान प्राथमिकता देनी होगी।
सीएमआईए ने बैठक के दौरान "मराठवाड़ा ग्रोथ हब : विश्वस्तरीय विनिर्माण केंद्र के निर्माण के लिए रणनीतिक खाका" शीर्षक से तैयार श्वेतपत्र नीति आयोग और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद को सौंपा। इसमें औद्योगिक विस्तार के साथ-साथ क्षेत्र के संतुलित और दीर्घकालिक विकास के लिए आवश्यक योजनाओं का विस्तृत उल्लेख किया गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मराठवाड़ा में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की प्रक्रिया चल रही है, जिससे यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े विनिर्माण केंद्रों में शामिल हो सकता है। इसके लिए सड़क, जलापूर्ति, सार्वजनिक परिवहन, ऊर्जा, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक शहरी सुविधाओं का तेजी से विस्तार आवश्यक है।
सीएमआईए ने बताया कि टोयोटा समूह, जेएसडब्ल्यू, अथर एनर्जी सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों के निवेश से छत्रपति संभाजीनगर और पूरा मराठवाड़ा तेजी से औद्योगिक मानचित्र पर उभर रहा है। ऐसे में औद्योगिक विकास के साथ शहरों और आसपास के क्षेत्रों का योजनाबद्ध विस्तार भी समय की आवश्यकता है।
बैठक में अजंता और एलोरा की गुफाएं, घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग, देवगिरी किला तथा पैठण जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को राष्ट्रीय स्तर के विरासत एवं धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही कृषि आधारित उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, उद्योगोन्मुख शिक्षा तथा कौशल विकास को भी भविष्य की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
सीएमआईए ने मराठवाड़ा को देश का अग्रणी विनिर्माण क्षेत्र बनाने के लिए पांच प्रमुख सुझाव दिए। इनमें मराठवाड़ा ग्रोथ हब को और सशक्त बनाना, केंद्र और राज्य सरकार के साथ उद्योगों के समन्वय के लिए संस्थागत व्यवस्था विकसित करना, उन्नत विनिर्माण तकनीक के लिए राष्ट्रीय स्तर का संस्थान स्थापित करना, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने का अभियान चलाना तथा औद्योगिक विकास के साथ पूरे आर्थिक क्षेत्र का एकीकृत नियोजन शामिल है।
बैठक के दौरान डॉ. संजीव सन्याल ने सीएमआईए के नए नेतृत्व की सराहना करते हुए अध्ययन आधारित और रचनात्मक दृष्टिकोण की प्रशंसा की। उन्होंने मराठवाड़ा के विकास के लिए तैयार श्वेतपत्र का स्वागत किया और विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन भी दिया। इस अवसर पर उन्हें छत्रपति संभाजीनगर आने का निमंत्रण दिया गया, जिस पर उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की।
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सीएमआईए के अध्यक्ष अथर्वेशराज नंदावत ने कहा कि मराठवाड़ा अभूतपूर्व औद्योगिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने वाला है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के साथ आधुनिक आधारभूत सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यटन और कौशल विकास को समान महत्व देकर ही मराठवाड़ा को देश के सबसे मजबूत विनिर्माण केंद्रों में बदला जा सकता है।
मानद सचिव अजिंक्य सावे ने कहा कि यह दौरा केवल उद्योगों तक सीमित नहीं था, बल्कि मराठवाड़ा के समग्र विकास के लिए आवश्यक नीतिगत विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। केंद्र सरकार के वरिष्ठ नीति निर्माताओं से मिला सकारात्मक सहयोग भविष्य में क्षेत्र के विकास को नई गति देगा।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट