Sambhajinagar Government Bills Clearance( Source: Social Media ) 
औरंगाबाद

वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन कोषागार में भीड़, 350 से ज्यादा बिलों का भुगतान; रात 12 बजे तक काम

Sambhajinagar Financial Year End: वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को संभाजीनगर जिला कोषागार कार्यालय में सैकड़ों करोड़ रुपये के करीब 350 से अधिक बिलों का भुगतान किया गया।

अंकिता पटेल

Chhatrapati Sambhajinagar Government Bills Clearance: छत्रपति संभाजीनगर वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को जिले के सरकारी कार्यालयों में भारी हलचल देखने को मिली। सरकार से प्राप्त निधि खर्च से शेष न रह जाए, इसके लिए विभिन्न विभागों ने अपने बिल बड़ी संख्या में जिला कोषागार कार्यालय में जमा किए, कोषागार विभाग ने भी दिनभर इन बिलों की जांच कर संबंधित विभागों के खातों में भुगतान कर दिया।

अधिकारियों के अनुसार अंतिम दिन लगभग साढ़े तीन सौ बिलों का भुगतान किया गया। अंतिम समय तक बिल जमा करने की प्रक्रिया जारी रहने के कारण जिला कोषागार कार्यालय का कामकाज रात 12 बजे तक चलता रहा।

दिनभर सैकड़ों करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान किया गया। यदि 31 मार्च तक बिल प्रस्तुत नहीं किए जाते, तो संबंधित विभागों को दिया गया सरकारी निधी अखर्चित मानकर वापस ले लिया जाता है। इसी कारण पिछले आठ दिनों से सभी सरकारी कार्यालयों में बिल जमा करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई थी।

जांच कर तुरंत भुगतान करने की हुई कार्यवाही

सरकारी कार्यालयों में इतनी व्यस्तता रही कि शनिवार और रविवार की सार्वजनिक छुट्टियों के दिन भी कई कार्यालय खुले रखे गए। मंगलवार को वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन होने के कारण देर रात तक विभागों की ओर से कोषागार कायर्यालय में बिल जमा किए जाते रहे। कोषागार कार्यालय में बिलों की जांच पहले ऑडिटर द्वारा की जाती है, उसके बाद सुपरवाइजर स्तर पर सत्यापन होता है। अंत में कोषागार अधिकारी की मंजूरी के बाद बिल की राशि संबंधित विभाग या संस्था के खाते में जमा की जाती है।

छुट्टियों के दिनों में भी खुले रहे कार्यालय

राज्य सरकार द्वारा विभिन्न सरकारी कार्यालयों को हर वर्ष विकास योजनाओं और अन्य खचों के लिए करोड़ों रुपये का निधि दिया जाता है, विकास कार्यों के बिलों के साथ साथ कर्मचारियों के वेतन, यात्रा भता और चिकित्सा प्रतिपूर्ति जैसे बिल भी कोषागार कार्यालय में प्रस्तुत करने होते हैं।

इन सभी बिलों को उसी वित्तीय वर्ष के भीतर जमा करना अनिवार्य होता है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के कारण प्रतिदिन औसतन 300 से 350 बिल कोषागार कार्यालय में जमा हो रहे थे।

इन सभी बिलों की जांब कर तुस्त भुगतान करने की कार्रवाई की गई, पिछले आठ दिनों से बिली की संख्या लगातार बढ़ रही थी, हालांकि छुद्धियों के दिनों में भी कार्यालय खुले रहने के कारण अंतिम दिन अपेक्षाकृत कम भीड़ देखने को मिली।

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