सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए छात्रा पहल बनी मिसाल, स्वास्थ्य कर्मी की बेटी ने लगवाया टीका, समाज को दिया संदेश

Dhule Municipal Health Drive: धुले में एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत एक स्वास्थ्य कर्मी की बेटी ने खुद टीका लगवाकर छात्राओं व अभिभावकों को जागरूक किया। यह पहल सर्वाइकल कैंसर से बचाव का मजबूत संदेश बनी।
Student's Initiative to Prevent Cervical Cancer Sets a Precedent: Daughter of a Health Worker Gets Vaccinated, Sends a Message to Society.
Dhule HPV Vaccination Campaign( Source: Social Media )
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Dhule HPV Vaccination Campaign: धुले "बदलाव की शुरुआत खुद से इस विचार को साकार करते हुए धुले महानगरपालिका की एक स्वास्थ्य कर्मचारी की बेटी ने टीकाकरण को लेकर समाज में फैले भ्रम को तोड़ने की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया है।

नगर निगम के स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत एएनएम कोमल बांगर की सुपुत्री कु। देवयानी ने स्वयं एचपीवी वैक्सीन लगवाकर अन्य छात्राओं और अभिभावकों के सामने एक आदर्श मिसाल पेश की है।

धुले मनपा द्वारा इन दिनों किशोरियों को गर्भाशय मुख के कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) से बचाने के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान तेज किया गया है। सोमवार को शहर की कमलाबाई कन्या स्कूल में इस टीकाकरण का विशेष सत्र आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम के दौरान कोमल बांगर ने अपनी ही बेटी को टीका लगवाकर अभियान की शुरुआत की। जब स्वास्थ्य कर्मी स्वयं अपने परिवार से ऐसी पहल करते हैं, तो आम नागरिकों का भरोसा स्वतः मजबूत होता है।

'पहले खुद, फिर समाज' का संदेश

टीका लगवाने के बाद देवयानी ने अन्य छात्राओं और अभिभावकों को जागरूक करते हुए अपने अनुभव साझा किए। देवयानी ने कहा कि लसीकरण पूरी तरह सुरक्षित है। जब हम खुद सुरक्षित होंगे, तभी स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है। उसके इस आत्मविश्वास भरे कदम से स्कूल की अन्य छात्राओं में उत्साह बढ़ा और टीकाकरण को लेकर अभिभावकों की आशंकाएं कम होती दिखीं।

जनजागरण पर जोर

विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं में गर्भाशय मुख का कैंसर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है, जिससे बचाव के लिए एचवीपी वैक्सीन सबसे प्रभावी उपाय है। नगर निगम स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर की विभिन्न स्कूलों में लगातार जागरूकता और काउंसिलिंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है-भ्रम को तोड़ना, भरोसे को बढ़ाना और हर बेटी तक सुरक्षा का यह कवच पहुंचाना। कोमल बांगर और उनकी बेटी देवयानी की इस पहल की स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सराहना की है।

एक मां और स्वास्थ्य कर्मी होने के नाते मेरी जिम्मेदारी थी कि मैं समाज को यह संदेश दू कि यह टीका हमारी बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अनिवार्य है। मेरी बेटी की पहल अन्य अभिभावकों का डर दूर करेगी।

-धुले मनपा, एएनएम, कोमल बांगर

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