Sambhajinagar Police DG Insignia Award: महाराष्ट्र राज्य पुलिस दल में उल्लेखनीय और विशिष्ट कार्य करने वाले जांबाज पुलिसकर्मियों के लिए दिए जाने वाले सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक 'पुलिस महानिदेशक सम्मानचिह्न' (DG Insignia) की घोषणा कर दी गई है।
इस गौरवशाली सूची में छत्रपति संभाजीनगर शहर पुलिस दल ने अपनी धाक जमाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। शहर पुलिस विभाग के कुल 11 अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं, कर्तव्यनिष्ठा और कानून-व्यवस्था के प्रति अटूट समर्पण के लिए इस सम्मान के लिए चुना गया है। इस घोषणा के बाद से ही शहर के पुलिस महकमे में उत्साह और गर्व का वातावरण बना हुआ है।
पुलिस विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इन चयनित अधिकारियों ने अपने सेवाकाल के दौरान कई जटिल अपराधों की गुत्थी सुलझाने, शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों के साथ संवेदनशीलता के साथ संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चयनित होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों में पुलिस निरीक्षक प्रविणा यादव, श्रेणी उपनिरीक्षक नारायण पुरके, हरीश खटावकर, सहायक उपनिरीक्षक सुधाकर मिसाल, महेंद्र चव्हाण, दिलीप मोदी, जमादार संजय गावंडे, अशरफ सैय्यद, प्रकाश गायकवाड़, शफीक शेख तथा चरणसिंह जारवाल का नाम शामिल है। इन सभी ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में न केवल अनुशासन का परिचय दिया, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में भी तत्परता से कार्य कर विभाग का मान बढ़ाया है।
छत्रपति संभाजीनगर पुलिस के आयुक्त प्रविण पवार ने इस उपलब्धि पर गहरा संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान इन कर्मियों की वर्षों की मेहनत और विभाग के प्रति उनकी ईमानदारी का प्रतिफल है। आयुक्त प्रविण पवार के साथ-साथ पुलिस उप आयुक्त पंकज अतुलकर, प्रशांत स्वामी, शर्मिष्ठा वालावलकर तथा रत्नाकर नवले ने भी चयनित टीम का व्यक्तिगत रूप से अभिनंदन किया है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के सम्मान से अन्य पुलिसकर्मियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। जब एक अधिकारी या कर्मचारी सम्मानित होता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे पुलिस थाने और विभाग की कार्यप्रणाली पर दिखाई देता है।
यह सम्मान राज्य पुलिस बल का एक अत्यंत प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है। यह उन चुनिंदा पुलिसकर्मियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए या फिर अपने नियमित कार्यों से हटकर समाज हित में कुछ विशेष और उल्लेखनीय प्रदर्शन किया हो। इस पदक के साथ एक विशेष प्रशस्ति पत्र भी दिया जाता है, जो उनकी सेवा पुस्तिका में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह जुड़ जाता है।
इस पुरस्कार की चयन प्रक्रिया बेहद कड़ी होती है, जिसमें पिछले कई वर्षों के ट्रैक रिकॉर्ड, अपराध नियंत्रण की दर और जनता के बीच पुलिस की छवि सुधारने जैसे मापदंडों को ध्यान में रखा जाता है।
शहर पुलिस दल के इन 11 योद्धाओं ने न केवल कानून का सख्ती से पालन कराया, बल्कि 'सद्रक्षणाय खलनिग्रहणाय' के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा। चाहे वह दंगों जैसी स्थिति में शांति बहाली का मामला हो या फिर संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई, इन अधिकारियों ने अपनी बुद्धिमत्ता और साहस का परिचय दिया है।
आज के समय में जब पुलिस की भूमिका अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है, ऐसे समय में यह सम्मान उनके मनोबल को और अधिक मजबूत करेगा। इस उपलब्धि से पूरे शहर में पुलिस के प्रति विश्वास और बढ़ेगा।