Sambhajinagar: डिजिटल सुरक्षा का लाइव अनुभव, छात्रों ने पुलिस आयुक्तालय में सीखी साइबर क्राइम से बचाव की तकनीक

Sambhajinagar Cyber Awareness: संभाजीनगर पुलिस आयुक्तालय में छात्रों को साइबर अपराध, डिजिटल सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली का लाइव अनुभव देकर जागरूक किया गया।
Sambhajinagar: A Hands-on Experience in Digital Security—Students Learn Techniques to Prevent Cybercrime at the Police Commissionerate
Sambhajinagar Digital Fraud Prevention( Source: Social Media )
Published on: 
Updated on: 

Sambhajinagar Digital Fraud Prevention: छत्रपति संभाजीनगर बढ़ते डिजिटल युग में साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने व पुलिस की आधुनिक कार्यप्रणाली से परिचित कराने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्तालय में छात्रों के लिए विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया।

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाडा विश्वविद्यालय के प्रबंधनशास्त्र विभाग के एमसीए व बीसीए के छात्रों ने भाग लेकर साइबर सुरक्षा व आपातकालीन सेवाओं का लाइव अनुभव प्राप्त किया, साइबर सेल में एपीआई कदिर देशमुख व एलपीसी सोनाली वड़नेरे ने छात्रों को सोशल मीडिया फ्रॉड, वित्तीय धोखाधड़ी व 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे बढ़ते अपराधों के बारे में विस्तार से बताया।

इंटरनेट उपयोग के दौरान सावधानियां व व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के उपाय भी समझाए गए। पीएसआई गणेश गिरी ने डिजिटल फॉरेंसिक व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला।

वहीं पुलिस कर्मी गोकुल व वैभव वाघचौरे ने अपने अनुभव साझा कर छात्रों को जागरूक किया। छात्रों ने सीएचओ कार्यालय (डायल 112) का दौरा कर आपातकालीन सेवा प्रणाली को करीब से समझा, एपीआई कुलकर्णी व उनकी टीम ने बताया कि एक कॉल आने के बाद पुलिस प्रतिक्रिया तंत्र कितनी तेजी से सक्रिय होता है।

स्मार्ट सिटी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का अनुभव

छात्रों ने स्मार्ट सिटी के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी दौरा किया। इंचार्ज देशमुख, वर्षा गोड़बोले, साहेबराव चाप, इंजी साईकिशोर, इंजी कपिल व टीम ने शहर में लगे सीसीटीवी नेटवर्क, ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम व अपराध नियंत्रण के लिए उपयोग किए जा रहे आधुनिक सॉफ्टवेयर की जानकारी दी।

विश्वविद्यालय के कौस्तुभव साइबर विशेषज्ञ ज्ञानेश्वर गिरी ने छात्रों को साइबर सुरक्षा क्षेत्र में करियर के अवसरों के बारे में भी मार्गदर्शन किया व देश सेवा में तकनीकी योगदान देने के लिए प्रेरित किया। यह पहल छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक व प्रेरणादायी साबित हुई।