प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
औरंगाबाद

उम्मीदवार को सभा स्थल आरक्षित रखने पर रोक, जी. श्रीकांत के कड़े निर्देश; प्रचार व्यवस्था पर प्रशासन

Sambhajinagar Election: मनपा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा में आयुक्त जी. श्रीकांत ने सख्त निर्देश दिए। किसी भी पार्टी को प्रचार के लिए मैदान या सभागार 8–10 दिन तक आरक्षित नहीं करने दिया जाएगा।

अंकिता पटेल

Sambhajinagar Election Campaign Rules: छत्रपति संभाजीनगर मनपा आम चुनाव में चुनाव पूर्व तैयारियों की शनिवार को गहन समीक्षा करते हुए मनपा आयुक्त, प्रशासक एवं चुनाव अधिकारी जी. श्रीकांत ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण और कड़े निर्देश जारी किए, उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को शहर के किसी एक मैदान, सभागार या सभा स्थल को लगातार आठ से दस दिनों तक आरक्षित रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी, लोकतंत्र का मूल और उम्मीदवारों को प्रचार के लिए समान अवसर मिले और प्रशासन इसका सख्ती से अमल करेगा।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मनपा आम चुनाव 2025 का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है और 15 जनवरी को मतदान होगा। इसी पृष्ठभूमि में आयोजित बैठक में चुनाव नियोजन, प्रचार व्यवस्था, मानव संसाधन, प्रशिक्षण और आदर्श आचार संहिता के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।

श्रीकांत ने निर्देश दिए कि प्रचार के लिए उपयोग में आन वाले सरकारी, अर्ध सरकारी और निजी स्थल किसी एक पार्टी के कब्जे में लंबे समय तक नहीं रहने चाहिए।

यदि किसी स्थल के लिए एक ही समय पर दो या अधिक दलों या उम्मीदवारों के आवेदन प्राप्त होते हैं, तो पहले आवेदन करने वाले को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में 9 निर्वाचन निर्णय अधिकारियों के कार्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारियों के माध्यम से की गई।

मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक मानव बल, सामग्री और तकनीकी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। मतदान केंद्र प्रमुखों और मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए श्रीकांत ने कहा कि प्रशिक्षण प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए।

मतदान बढ़ाने को लेकर जागरूकता सबसे अहम

स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दस से पंद्रह मतदान केंद्रों पर एक क्षेत्रीय अधिकारी नियुक्त किया जाए, जिन निर्वाचन निर्णय अधिकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी है, वहां तत्काल अतिरिक्त मानव बल उपलब्ध कराया जाए ताकि चुनाव कार्य में कोई बाधा न आए, पहली बार प्रभाग प्रणाली के तहत महानगर पालिका चुनाव हो रहे हैं। ऐसे में उम्मीदवारों और मतदाताओं में मतदान प्रक्रिया को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है। इसके लिए प्रत्येक निर्वाचन निर्णय अधिकारी कार्यालय में एक डेमो ईवीएम उपलब्ध कराई जाए ताकि उम्मीदवारों और नागरिकों को मतदान की प्रक्रिया की प्रत्यक्ष जानकारी मिल सके।

चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी कराना जरूरी

मनपा आम चुनाव से संबंधित जिन अधिकारी और कर्मचारियों को चुनावी आदेश दिए गए हैं, लेकिन जो अब तक ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए हैं, उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के स्पष्ट आदेश आयुक्त एवं चुनाव अधिकारी जी. श्रीकांत ने दिए हैं।

आचार संहिता कक्ष की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कई अधिकारी और कर्मचारी, विशेषकर एसएसटी टीम में नियुक्त कर्मी, अभी तक कार्यभार संभालने नहीं पहुंचे हैं।

श्रीकांत ने स्पष्ट किया कि चुनावी कामकाज में किसी भी प्रकार की टालमटोल, उपेक्षा या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आदेश के बावजूद ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होने वालों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश संबंधित एजेंसियों को दिए गए हैं।

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