Chhatrapati Sambhajinagar LPG Supply Disruption Industries( Source: Social Media ) 
औरंगाबाद

तीन हफ्तों से उत्पादन बंद, छत्रपति संभाजीनगर के 2000 से अधिक उद्योगों में LPG संकट गहराया

Chhatrapati Sambhajinagar LPG Crisis: छत्रपति संभाजीनगर के (MIDC) क्षेत्रों में एलपीजी आपूर्ति बंद होने से 2,000 से अधिक छोटे-मध्यम उद्योग तीन सप्ताह से उत्पादन ठप होने की स्थिति में हैं।

अंकिता पटेल

Chhatrapati Sambhajinagar LPG Supply Disruption Industries: छत्रपति संभाजीनगर औद्योगिक क्षेत्रों में गैस आपूर्ति बाधित होने से छोटे व मध्यम उद्योग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) की आपूर्ति बंद होने के चलते 2,000 से अधिक उद्योगों में तीन सप्ताह से उत्पादन ठप हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार के 5 मार्च से वाणिज्यिक गैस आपूर्ति रोकने से विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों अर्थात महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम MIDC क्षेत्रों में 60 प्रतिशत छोटे और मध्यम उद्योग ठप पड़ गए हैं।

बता दें कि वालूज, चिकलथाना, शेंद्रा, पैठण, रेलवे स्टेशन और छत्रपति संभाजीनगर औद्योगिक क्षेत्रों में 4,000 से अधिक इकाइयां हैं, जिनमें से 30 से 40 प्रश इकाइयां एलपीजी पर निर्भर हैं। इस संकट से निपटने के लिए बड़े व स्थापित उद्योगों ने वैकल्पिक उपाय अपनाए हैं।

बड़े उद्योगों ने अपनाए वैकल्पिक उपाय

हालांकि, छोटे और मध्यम उद्योग इस दिशा में काफी पीछे रह गए हैं। हकीकत यह है कि उत्पादन के लिए अधिकांश इकाइयां एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भर हैं। वहीं, कुछ को पाइप लाइन के जरिए गैस मिलती है। पिछले दो सप्ताह से आपूर्ति बंद होने से गैस का मौजूदा भंडार भी खत्म हो गया है। एंड्योरेंस जैसी बड़ी औद्योगिक इकाइयों ने पहले ही पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का उपयोग शुरू कर दिया है। कई अन्य बड़े उद्योगों ने एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) और फर्नेस ऑयल जैसे वैकल्पिक ईधनों का सहारा लिया है। इसके चलते वे उत्पादन जारी रखने में सफल रहे हैं।

पाइपलाइन के जरिए आपूर्ति के प्रयास

सीएनआईए के सचिव मिहिर सौंदलगेकर ने बताया कि गत 16 दिनों से औद्योगिक गैस आपूर्ति बंद होने से उद्योगों के संचालन में गभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही है। कई गैस कंपनियों के अधिकारी इस बात से अनजान है कि गैस पाइपलाइन कहां तक बिछाई गई है। उनका मत था कि संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया है व शीघ्र ही पाइप लाइन के जरिए गैस आपूर्ति शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

रखरखाव व सर्विसिंग का करवा रहे काम

मराठवाड़ा एसोसिएशन ऑफ स्मॉल स्वेल इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर अर्थात मासिआ के आध्यक्ष अर्जुन गायकवाड़ ने कहा कि उत्पादन बंद होने के बावजूद कंपनियों ने कर्मचारियों की छंटनी नहीं की है। कुशल श्रमिकों की कमी को देखते हुए कर्मियों को बनाए रखा गया है। गैस आपूर्ति बहाल होने तक कर्मियों से मशीनों के रखरखाव व सर्विसिंग आदि कार्य करवाए जा रहे हैं।

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