Sambhajinagar Heavy Rain Municipal Corporation Headquarter Flooded: छत्रपति संभाजीनगर में जून के अंतिम सप्ताह तक अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे शहर को बुधवार को आखिरकार झमाझम बारिश का तोहफा मिला, लेकिन महज दो घंटे की बारिश ने शहर व्यवस्था की तैयारियों की वास्तविक तस्वीर भी सामने ला दी। दोपहर दो बजे से चार बजे के बीच हुई 36 मिलीमीटर बारिश के कारण शहर के प्रमुख मार्ग, चौराहे और निचले इलाके पानी में डूब गए। कई आवासीय कॉलोनियों, निजी अस्पतालों और आवासीय परिसरों के बेसमेंट में पानी भर गया। इतना ही नहीं, मनपा मुख्यालय के निचले हिस्से में भी पानी पहुंच गया, जिससे प्रशासन की बारिश पूर्व तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए ।
मूसलाधार बारिश शुरू होते ही कई प्रमुख मार्गों पर पानी भरने लगा। कुछ स्थानों पर घुटनों तक तो कई इलाकों में कमर तक पानी जमा हो गया। जलभराव के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई दोपहिया और चारपहिया वाहनों के इंजन पानी में बंद हो गए, जिससे लंबा यातायात जाम लग गया और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
बारिश का सबसे चौंकाने वाला असर मनपा मुख्यालय में देखने को मिला। मुख्यालय के निचले हिस्से में पानी भर जाने से कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने बारिश के पूर्व नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा किया था, उसी के कार्यालय में पानी घुसने से उन दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे।
गारखेडा क्षेत्र के विजय नगर स्थित जय दुर्गा सोसायटी के बेसमेंट में बड़ी मात्रा में पानी भर गया। न्यू हनुमान नगर में अष्टविनायक मंदिर के पास एक मकान में वर्षा का पानी घुस गया। उल्कानगरी स्थित अगस्ती होम के सामने सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई, जिससे यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। वहीं सिडको एन-3 क्षेत्र के एक निजी अस्पताल के बेसमेंट में भी पानी भर जाने से कर्मचारियों और मरीजों के परिजनों में अफरा-तफरी मच गई।
जलभराव की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अग्निशमन विभाग की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। मोटर पंपों की सहायता से बेसमेंट और भवनों में भरा पानी बाहर निकाला गया। कई स्थानों पर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जल निकासी सुनिश्चित करने का कार्य देर शाम तक जारी रहा।
समर्थनगर स्थित विवेकानंद महाविद्यालय के पीछे तेज बारिश के दौरान एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर गया। इससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही संबंधित दल मौके पर पहुंचा और पेड़ हटाकर मार्ग को फिर से चालू कराया। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
मनपा ने बारिश से पहले करोड़ों रुपये खर्च कर नालों की सफाई पूरी करने का दावा किया था, लेकिन पहली ही तेज बारिश में कई नाले उफान पर आ गए और पानी सड़कों व रिहायशी इलाकों में भर गया। कॉलोनियों, अस्पतालों और यहां तक कि छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका मुख्यालय तक पानी पहुंचने के बाद नागरिकों ने जल निकासी व्यवस्था और नाला सफाई कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि मात्र दो घंटे की बारिश में यह स्थिति बन सकती है, तो आगामी दिनों में भारी वर्षा होने पर हालात और गंभीर हो सकते हैं।
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मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, जबकि नागरिकों से भी जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन की हेल्पलाइन से संपर्क करने की अपील की गई है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट