अमोल येडगे और नई जलापूर्ति योजना (सोर्सः डिजाइन फोटो) 
औरंगाबाद

संभाजीनगर के नक्षत्रवाड़ी पंप हाउस की मरम्मत अंतिम चरण में, अगले सप्ताह शहर को फिर मिलेगा अतिरिक्त पानी

Sambhajinagar Extra Water Supply: नक्षत्रवाड़ी पंप हाउस की मरम्मत अंतिम चरण में है। अगले सप्ताह अतिरिक्त जलापूर्ति शुरू होगी, जबकि जुलाई अंत तक 1500 मिमी नई पाइपलाइन से शहर को और राहत मिलेगी।

आलोक उमाकृष्ण

Chhatrapati Sambhajinagar Extra Water Supply: नई जलापूर्ति योजना के तहत नक्षत्रवाड़ी स्थित पंप हाउस में हुई तकनीकी खराबी को दूर करने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। महानगरपालिका प्रशासन का दावा है कि अगले चार से पांच दिनों में मरम्मत पूरी कर ली जाएगी और इसके बाद अगले सप्ताह से शहर को फिर अतिरिक्त जलापूर्ति मिलने लगेगी।

इसके साथ ही मुख्य जलवाहिनी में जांच के दौरान सामने आई तकनीकी खामियों को भी दूर किया जाएगा। खराब पाए गए 25 बटरफ्लाई वाल्व बदलने के लिए संबंधित कंपनी ने सहमति दे दी है। यह जानकारी महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे ने शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।

पंपिंग प्रणाली का होगा परीक्षण

आयुक्त ने बताया कि नई जलापूर्ति योजना के माध्यम से शहर में अतिरिक्त पानी पहुंचाने का कार्य शुरू हो चुका था और शुरुआती आठ दिनों में लगभग 150 एमएलडी अतिरिक्त पानी का वितरण किया गया। प्रतिदिन 20 से 30 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलने से कई क्षेत्रों में जल संकट कम होने लगा था।

लेकिन 24 जून को हुई पहली तेज बारिश के दौरान नक्षत्रवाड़ी पंप हाउस की इमारत में रिसाव हो गया। इसके कारण पानी विद्युत पैनल तक पहुंच गया और शॉर्ट सर्किट का खतरा उत्पन्न हो गया। किसी बड़ी दुर्घटना से बचने के लिए एहतियातन अतिरिक्त जलापूर्ति तत्काल बंद कर दी गई।

इसके बाद पंप हाउस में जलरोधक व्यवस्था मजबूत करने और विद्युत पैनल की मरम्मत का काम शुरू किया गया। वर्तमान में दोनों कार्य तेजी से चल रहे हैं और अगले चार से पांच दिनों में इनके पूरा होने की संभावना है। मरम्मत के बाद पंपिंग प्रणाली का परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण सफल रहने पर शहर को अगले सप्ताह से फिर बढ़ी हुई जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

जांच में सामने आई बड़ी तकनीकी खामी

आयुक्त अमोल येडगे ने बताया कि जलापूर्ति बंद होने के बाद अधिकारियों ने पंप हाउस का निरीक्षण किया तो फ्लो मीटर बंद मिला। सामान्य स्थिति में फ्लो मीटर का बंद होना संभव नहीं था। इससे मुख्य जलवाहिनी में किसी तकनीकी समस्या की आशंका हुई। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम से पूरी जलवाहिनी की जांच कराई गई।

जांच में पता चला कि मुख्य जलवाहिनी पर लगाए गए 87 एयर वाल्व में से 25 बटरफ्लाई वाल्व सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे। इनकी झड़पें पूरी तरह बंद नहीं हो रही थीं, जिससे पाइपलाइन में फंसी हवा बाहर नहीं निकल पा रही थी और जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। तकनीकी रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित कंपनी ने सभी खराब बटरफ्लाई वाल्व बदलने की जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है।

जुलाई के अंत तक शुरू होगी नई 1500 मिमी जलवाहिनी

महानगरपालिका ने नई जलापूर्ति योजना के अगले चरण की तैयारी भी शुरू कर दी है। आयुक्त ने बताया कि अतिरिक्त जलापूर्ति सामान्य होने के बाद जुलाई के अंतिम सप्ताह में 1500 मिमी व्यास की नई डीआई जलवाहिनी को भी चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके लिए पाइपलाइन की सफाई, हाइड्रोलिक परीक्षण, गैप जोड़ने तथा विभिन्न क्रॉसिंग का कार्य पूरा किया जा रहा है। अस्थायी क्रॉसिंग हटाकर पूरी क्षमता से परीक्षण किया जाएगा। सभी प्रक्रियाएं सफल होने के बाद हर्सूल, जटवाड़ा तथा आसपास के क्षेत्रों तक नई पाइपलाइन से जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

महानगरपालिका का कहना है कि पंप हाउस की मरम्मत, खराब वाल्वों का प्रतिस्थापन और नई जलवाहिनी के शुरू होने के बाद शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत और सुचारु हो जाएगी। इससे लंबे समय से अतिरिक्त पानी की प्रतीक्षा कर रहे हजारों नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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