District Electricity Committee Meeting: जिला विद्युत समिति की बैठक सांसद संदीपान भुमरे की अध्यक्षता में महावितरण के परिमंडल कार्यालय में शनिवार को संपन्न हुई। बैठक में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली संबंधी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने तथा बिजली हानि कम करने के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में समिति के सह अध्यक्ष सांसद डॉ. कल्याण काले, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा ओबीसी बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे, विधायक अंबादास दानवे, विधायक रमेश बोरनारे, विधायक विलास भुमरे, जिला परिषद अध्यक्ष अविनाश गलांडे, महापौर समीर राजुरकर, समिति के संयोजक तथा महावितरण के मुख्य अभियंता पवनकुमार कछोट और अधीक्षक अभियंता संदीप दरवडे प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
मुख्य अभियंता पवन कुमार कछोट ने शहर और जिले में चल रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना-2।0 के अंतर्गत 40 बिजली उपकेंद्रों में पावर ट्रांसफॉर्मर की क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव है। इनमें से 21 उपकेंद्रों में क्षमता वृद्धि का कार्य पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा 24 उपकेंद्रों में अतिरिक्त पावर ट्रांसफॉर्मर लगाने की योजना बनाई गई है, जिनमें से 14 कार्य प्रगति पर हैं। शहर के रोशन गेट, बायजीपुरा, सातारा, पन्नालाल नगर, बेडसे पेपर मिल, म्हाडा, एन-4 और शिवाजीनगर उपकेंद्रों में ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई गई है। जिले में प्रस्तावित 19 नए उपकेंद्रों में से 6 उपकेंद्रों का कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना के तहत जिले के 112 उपकेंद्रों पर 743 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्रकल्प स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से 35 उपकेंद्रों पर 209 मेगावाट क्षमता के सौर प्रकल्प पूर्ण हो चुके हैं और वहां किसानों के कृषि पंपों को दिन में बिजली आपूर्ति की जा रही है।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री अतुल सावे ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर शहर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मानसून पूर्व सभी कार्य जल्द पूरे किए जाएं। बिजली तारों में बाधा बनने वाली पेड़ों की शाखाओं की कटाई की जाए। दुर्घटनाएं रोकने के लिए सामान्य तारों की जगह कोटेड कंडक्टर लगाए जाएं। इसके लिए विधायक निधि से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शंकाएं दूर करने तथा बिजली बिलों से संबंधित शिकायतों का समाधान करने के निर्देश भी दिए।
महापौर समीर राजुरकर ने कहा कि शहर की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए महानगरपालिका महावितरण को हरसंभव सहयोग करेगी।बैठक में सांसद डॉ. कल्याण काळे, विधायक अंबादास दानवे, विधायक रमेश बोरनारे, विधायक विलास भुमरे तथा जिला परिषद अध्यक्ष अविनाश गलांडे ने भी विभिन्न सुझाव दिए। मुख्य अभियंता पवनकुमार कछोट ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर गंभीरता से अमल करते हुए योजनाओं को गति दी जाएगी और शहर तथा जिले में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए महावितरण हमेशा तत्पर रहेगा।
घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत जिले के 38 हजार उपभोक्ताओं ने 132 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र अपने घरों पर स्थापित किए हैं। इसके अलावा गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए स्वयंपूर्ण महाराष्ट्र आवासीय रूफटॉप योजना शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत जिले के 12 हजार 397 उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा संयंत्र उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना के तहत बीपीएल उपभोक्ताओं को 2 हजार 500 रुपये, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के उपभोक्ताओं को 5 हजार रुपये तथा सामान्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं को केवल 10 हजार रुपये में 1 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र उपलब्ध कराया जाएगा। इसके माध्यम से 25 वर्षों तक मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। सांसद संदीपान भुमरे ने इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
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सांसद भुमरे ने वितरण हानि कम करने तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर बिजली संबंधी आधारभूत सुविधाओं के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो रही है, वहां जनप्रतिनिधि प्रयास कर जमीन उपलब्ध कराएंगे।
उन्होंने लंबित सौर कृषि पंप आवेदनों का निपटारा करने, अतिभारित ट्रांसफॉर्मरों के स्थान पर अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाने तथा किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मनपा की स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये, महावितरण के कार्यकारी अभियंता राजेंद्र नाहटा, प्रेरणा बनकर, गिरीश गायकवाड, प्रसाद महातोले, महेंद्र देशमुख, शैलेश कलंत्री, भूषण पहूरकर और रमेश वाघचौरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट