Chhatrapati Sambhajinagar Cleanliness Model: शहर को देश के सबसे स्वच्छ नगरों की श्रेणी में पहुंचाने के संकल्प के साथ छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने एक ऐसा अभियान शुरू किया है, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में होने लगी है।
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मनपा आयुक्त अमोल येडगे स्वयं देर रात तक सड़कों पर उतरकर सफाई व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में गठित 29 विशेष संयुक्त दल बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में लगातार औचक निरीक्षण कर रहे हैं।
महज दो दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों से एक लाख रुपये का जुर्माना वसूल कर महानगरपालिका ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब शहर में गंदगी फैलाने वालों और लापरवाही बरतने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।
प्रशासन का मानना है कि यदि यह अभियान इसी गति से आगे बढ़ा तो 'छत्रपति संभाजीनगर मॉडल' देश के अन्य शहरों के लिए भी स्वच्छता का आदर्श बन सकता है।
इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी ताकत मनपा आयुक्त अमोल येडगे की सक्रियता है। वे स्वयं रात के समय शहर के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर सफाई व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।
सड़क पर कचरा फेंकने वालों पर मौके पर ही जुर्माना लगाया जा रहा है, जबकि सफाई कार्य में लापरवाही करने वाले महानगरपालिका कर्मचारियों के विरुद्ध भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं।
आयुक्त के निर्देश पर गठित 29 विशेष संयुक्त निरीक्षण दलों में स्वच्छता निरीक्षक, नागरिक मित्र दल, जनजागरण पर्यवेक्षक तथा वाहन पर्यवेक्षक शामिल हैं। ये दल प्रत्येक सोमवार और गुरुवार शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक प्रमुख बाजारों, होटलों, दुकानों और पान ठेलों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान कचरे का पृथक्करण, निर्धारित वाहन में कचरा देना तथा प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग पर विशेष नजर रखी जा रही है।
संयुक्त दलों की कार्रवाई शुरू होते ही नियमों की अनदेखी करने वालों में हड़कंप मच गया। गुलमंडी, पैठण गेट, सिटी चौक, टीवी सेंटर, सेंट्रल नाका और चिश्तिया चौक सहित 13 व्यावसायिक प्रभागों में व्यापक कार्रवाई की गई।
एक दिन में 38 हजार रुपये तथा दो दिनों में लगभग एक लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। प्रभाग क्रमांक 5 और 15 में सर्वाधिक छह-छह हजार रुपये का दंड लगाया गया।
मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और व्यापारी का भी कर्तव्य है। पहले चरण में जागरूकता पर जोर दिया जाएगा, लेकिन नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
व्यापारी संगठनों ने इस अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि स्वच्छ बाजार से व्यापार भी बढ़ेगा और शहर की पहचान भी मजबूत होगी। उन्होंने संभाजीनगर महानगरपालिका के अभियान में पूरा सहयोग देने का भरोसा जताया, साथ ही ईमानदारी से नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों को अनावश्यक परेशान न करने की अपेक्षा भी व्यक्त की।
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मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने अपने नियमित मॉर्निंग वॉक को भी निरीक्षण अभियान का हिस्सा बना दिया है। वे नागरिकों और व्यापारियों से सीधे संवाद कर कचरा पृथक्करण, समय पर कचरा संग्रहण और स्वच्छता के नियमों के पालन के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
दंडात्मक कार्रवाई, जनजागरण और जनसहभागिता का यह समन्वित अभियान छत्रपति संभाजीनगर में स्वच्छता की नई कार्यसंस्कृति स्थापित करता दिखाई दे रहा है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट