कार्यवाई करते अधिकारी (फोटो नवभारत) 
छत्रपति संभाजीनगर

संभाजीनगर में 49 कैफे और हुक्का लाउंज पर बुलडोजर चला की अनैतिक गतिविधियों पर सबसे बड़ी चोट!

Bulldozer Action On Cafes: छत्रपति संभाजीनगर में पुलिस-मनपा के संयुक्त अभियान में 49 कैफे व हुक्का लाउंज ध्वस्त किए गए। अवैध निर्माण, बंद केबिन और सुरक्षा खामियां मिलीं।

आलोक उमाकृष्ण

Sambhajinagar Bulldozer Action On Cafes: शहर में कथित अनैतिक गतिविधियों, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध निर्माण के खिलाफ पुलिस और महानगरपालिका ने मंगलवार को संयुक्त रूप से अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 49 कैफे और हुक्का लाउंज ध्वस्त कर दिए। पुलिस द्वारा तैयार की गई 39 संदिग्ध कैफे की सूची के आधार पर शुरू हुए अभियान के दौरान जांच में सामने आए 10 अन्य प्रतिष्ठानों पर भी बुलडोजर चलाया गया। वेदांत नगर, उस्मानपुरा, कॅनॉट प्लेस, टी. वी. सेंटर, गुलमंडी, निराला बाजार और औरंगपुरा समेत विभिन्न क्षेत्रों में चली इस कार्रवाई से कैफे संचालकों में हड़कंप मच गया।

पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार और पुलिस उपायुक्त रत्नाकर नवले के निर्देश पर स्थानीय पुलिस थानों ने ऐसे कैफे और लाउंज की जानकारी जुटाकर सूची तैयार की थी। इसके बाद अतिक्रमण नियंत्रण विभाग के अधिकारी संतोष वाहुले, सहायक आयुक्त सविता सोनवणे तथा अतिक्रमण विभाग के निरीक्षक संजय सुरडकर के नेतृत्व में महानगरपालिका और पुलिस की संयुक्त टीम ने व्यापक अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान कई प्रतिष्ठानों के अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया।

आठ दिन पहले हुई घटना के बाद तेज हुई कार्रवाई

शहर के कुछ कैफे में कथित रूप से युवाओं के साथ दुर्व्यवहार और आपत्तिजनक गतिविधियों की शिकायतें सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने पहले गुप्त रूप से ऐसे प्रतिष्ठानों की जानकारी जुटाई और फिर महानगरपालिका को सूची सौंपकर संयुक्त अभियान की योजना बनाई।

जांच में सामने आई गंभीर खामियां

अधिकारियों के अनुसार अधिकांश कैफे बेहद कम जगह में संचालित हो रहे थे। कई स्थानों पर एक ही संकरी सीढ़ी के सहारे दो मंजिलों तक निर्माण किया गया था। आग लगने जैसी स्थिति में ग्राहकों के बाहर निकलने का कोई सुरक्षित मार्ग नहीं था। अग्निशमन यंत्र और अन्य सुरक्षा साधनों का भी अभाव पाया गया।

बंद केबिन और निजी कक्षों का चलन

निरीक्षण के दौरान कई कैफे में पर्दों और पार्टिशन से बने बंद केबिन मिले। कुछ स्थानों पर ध्वनि व्यवस्था, रंगीन प्रकाश व्यवस्था और आपत्तिजनक पोस्टर भी लगाए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि कई प्रतिष्ठानों में प्रति घंटे शुल्क लेकर निजी केबिन उपलब्ध कराए जा रहे थे। कुछ कैफे में CCTV कैमरे तक नहीं लगे थे।

'कैफे संस्कृति नहीं, अव्यवस्था के खिलाफ कार्रवाई'

पुलिस उपायुक्त रत्नाकर नवले ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य कैफे संस्कृति को समाप्त करना नहीं, बल्कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर संचालित होने वाले प्रतिष्ठानों में सामाजिक मर्यादा, सुरक्षा व्यवस्था और कानूनी प्रावधानों का पालन अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

छत्रपति संभाजीनगर मनपा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जिन प्रतिष्ठानों ने अवैध निर्माण कर रखा है या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की है, उनके खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। संयुक्त अभियान के बाद शहर में इस कार्रवाई का व्यापक स्वागत किया जा रहा है और नागरिकों ने इसे युवाओं की सुरक्षा तथा सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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