

Chhatrapati Sambhajinagar Smart City Amol Yedge: छत्रपति संभाजीनगर में स्मार्ट सिटी योजना के समापन के बाद उसकी अधूरी परियोजनाओं और विभिन्न सेवाओं के संचालन की पूरी जिम्मेदारी अब महानगरपालिका के कंधों पर आ गई है। शहर बस सेवा में बढ़ते घाटे, कमांड एंड कंट्रोल केंद्र के रखरखाव और लंबित विकास कार्यों को पूरा करने के लिए मनपा को करीब 35 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फंड की व्यवस्था करनी होगी। इस विषय पर अंतिम निर्णय लेने के लिए 29 जून को संचालक मंडल की बैठक बुलाई गई है। यह जानकारी मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने पत्रकार परिषद में दी।
केंद्र सरकार द्वारा संचालित स्मार्ट सिटी योजना का 31 मार्च को समापन कर दिया गया था। इसके बाद सभी अपूर्ण परियोजनाएं महानगरपालिका को हस्तांतरित कर दी गई। मिटमिटा स्थित प्राणी उद्यान, संत तुकाराम नाट्यगृह और नगर बस सेवा के संचालन के लिए अब मनपा को अलग से फंड उपलब्ध कराना होगा। शहर बस सेवा में अब तक लगभग 18 करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है, जिसकी भरपाई भी मनपा के सामने बड़ी चुनौती बन गई है।
छत्रपति संभाजीनगर शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थापित कमांड एंड कंट्रोल केंद्र ICCC) तथा 700 सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव पर प्रतिवर्ष लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा अन्य लंबित कार्यों के लिए करीब 7 करोड़ रुपये की आवश्यकता पड़ेगी। इस प्रकार मनपा पर कुल 35 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। इस संबंध में 29 जून को संचालक मंडल की बैठक में विस्तृत चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा।
ऑलेक्ट्रा कंपनी से किराये के आधार पर बसें लेने का समझौता किया गया था, लेकिन अब तक उनकी आपूर्ति नहीं हो सकी है। कंपनी ने लिखित आश्वासन दिया है कि जुलाई में कुछ बसे उपलब्ध करा दी जाएंगी और 15 अगस्त तक सभी 35 इलेवट्रिक बसें सौंप दी जाएंगी। इसके बाद अगस्त से ये बसें शहर में सेवा देना शुरू कर देंगी।
कमांड एंड कंट्रोल केंद्र और शहर में लगाए गए 700 कैमरों के रखरखाव पर प्रत्येक तीन माह में लगभग ढाई करोड़ रुपये खर्च होंगे। पुराने कैमरों की अवधि पूरी होने के कारण अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित अत्याधुनिक कैमरे लगाने की आवश्यकता है। आयुक्त अमोल येडगे ने कहा कि इस परियोजना को जारी रखने के लिए जिला नियोजन समिति से फंड प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।