BJP Corporators Protest Warning Over Water Crisis: शहर में लगातार बिगड़ती पेयजल व्यवस्था अब जन आक्रोश का कारण बन गई है। शहर के अनेक हिस्सों में लोगों को आठ से दस दिन के अंतराल के बाद पानी मिल रहा है, जबकि कई क्षेत्रों में दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं।
महिलाओं को पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा हजारों परिवार महंगे निजी टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। सोमवार को मनपा की स्थायी समिति की बैठक में यह मुद्दा सबसे अधिक गूंजा।
सत्तारूढ़ भाजपा के नगरसेवकों ने प्रशासन को कठ घरे में खड़ा करते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो भाजपा के नगरसेवक जनता के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। सत्ताधारी नगरसेवकों का उग्र रूप देखकर कुछ समय के लिए मनपा अधिकारियों में बेचैनी देखी गई।
शहर के अनेक वार्डों में जलापूर्ति का अंतराल लगातार बढ़ता जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पहले चार या पांच दिन में पानी पहुंचता था, वहां अब आठ से दस दिन बाद पानी मिल रहा है। नागरिकों को पीने, भोजन बनाने और दैनिक उपयोग के लिए पानी का प्रबंध करना कठिन हो गया है।
कई परिवार निजी टैंकर मंगाने के लिए मजबूर हैं, जिससे हर महीने हजारों रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं। मध्यम वर्गीय और गरीब परिवारों की स्थिति सबसे अधिक गंभीर हो गई है।
बैठक में भाजपा नगरसेवक राजगौरव वानखेड़े ने कहा कि प्रशासन लगातार नई-नई समयसीमा बताकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है। बार-बार यह कहा जाता है कि कुछ दिनों में व्यवस्था सामान्य हो जाएगी, लेकिन वास्तविक स्थिति में कोई बदलाव दिखाई नहीं देता।
जनता का आक्रोश जनप्रतिनिधियों को झेलना पड़ रहा है। उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि परिणाम दिखाई देने चाहिए।
भाजपा नगरसेवक सुरेंद्र कुलकर्णी ने कहा कि वर्षा ऋतु में भी यदि लोगों को आठ-दस दिन बाद पानी मिल रहा है तो यह अत्यंत गंभीर स्थिति है। उन्होंने कहा कि जल वितरण व्यवस्था में तत्काल सुधार के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जाना चाहिए, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।
बैठक के दौरान कई नगरसेवकों ने यह मुद्दा भी उठाया कि कुछ क्षेत्रों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। इससे जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। नगरसेवकों ने प्रशासन से मांग की कि केवल पानी की मात्रा ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए। स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना महानगरपालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
वंचित बहुजन आघाड़ी के नगरसेवक अमित भुईगल ने आरोप लगाया कि शहर के कुछ क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति हो रही है, जबकि अन्य इलाकों के नागरिक लगातार परेशान हैं। उन्होंने कहा कि पेठे नगर और हनुमान टेकड़ी सहित कई क्षेत्रों के लोग लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान में गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि काम नहीं हो रहा है तो स्पष्ट रूप से बताया जाए। मैं अपने स्टाईल में प्रशासन को सबक सिखा दूंगा यह चेतावनी भी अमित भुईगल ने दी।
स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये के निर्देश पर अतिरिक्त शहर अभियंता अनिल तनपुरे ने बताया कि 24 जून से पंपिंग व्यवस्था प्रभावित होने के कारण जलापूर्ति बाधित हुई।
उनके अनुसार पंपिंग पूरी क्षमता से शुरू होने के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी। हालांकि नगरसेवकों ने इस स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना और कहा कि नागरिकों को बार-बार केवल कारण बताए जा रहे हैं, समाधान नहीं।
भाजपा नगरसेवक राजगौरव वानखेड़े ने स्पष्ट कहा कि यदि आने वाले दिनों में शहर में नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो भाजपा के सभी नगरसेवक नागरिकों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
बैठक में शहर के प्रमुख मार्गों पर बढ़ते अतिक्रमण का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठाया गया। भाजपा की नगरसेविका एड । माधुरी अदवंत ने आजाद चौक से सावरकर चौक तक सड़क और डिवाइडर के आसपास फैले अतिक्रमण तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह अनशन करने को बाध्य होंगी।
इस पर प्रशासन की ओर से स्पष्टीकरण देते हुए अतिक्रमण विभाग के प्रमुख संतोष वाहुले ने साफ किया कि वहां इससे पहले कई बार कार्रवाई की जा चुकी है। इसके आगे अतिक्रमण ना हो, इसको लेकर प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए जाएंगे।
भाजपा नगरसेवक सुरेंद्र कुलकर्णी ने कहा कि सूतगिरणी चौक और एकता चौक जैसे क्षेत्रों में कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद अतिक्रमण दोबारा खड़े हो जाते हैं। भाजपा नगरसेवक राजगौरव वानखेड़े ने ऐसे लोगों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की।
अतिक्रमण हटाओ विभाग के समन्वय अधिकारी संतोष वाहुले ने बताया कि संबंधित वार्ड अधिकारियों को कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बैठक के अंत में स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिक्रमण करने वालों को तीन दिन की नोटिस जारी की जाए।
निर्धारित समय के बाद यदि अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो बिना किसी देरी के सीधे कार्रवाई की जाए। साथ ही जल संकट दूर करने के लिए भी सभी संबंधित विभागों को त्वरित और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
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शहर के हजारों परिवार आज नियमित पेयजल की प्रतीक्षा कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि उन्हें आश्वासनों की नहीं, बल्कि नलों में समय पर पानी चाहिए।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संभाजीनगर महानगरपालिका प्रशासन अपने दावों को कितनी जल्दी अमल में लाता है और लंबे समय से पानी की समस्या झेल रहे शहरवासियों को राहत कब मिलती है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट