महापौर समीर राजूरकर (सोर्स: फाइल फोटो) 
औरंगाबाद

संभाजीनगर में विकास का विजन 2047, महापौर के 100 दिन पूरे, पेयजल संकट पर जताई चिंता

Chhatrapati Sambhajinagar मनपा के 100 दिन, महापौर समीर राजूरकर ने पेयजल संकट को स्वीकार किया और विकसित संभाजीनगर 2047 का विजन पेश किया। हेरिटेज वॉक, नदी सफाई और सांस्कृतिक विकास पर रहेगा विशेष जोर।

गोरक्ष पोफली

Chhatrapati Sambhajinagar News: छत्रपति संभाजीनगर मनपा में भाजपा-शिवसेना गठबंधन की सत्ता के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर महापौर समीर राजूरकर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए शहर के विकास, पानी संकट, सांस्कृतिक योजनाओं और भविष्य की विकास नीति पर विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि अब तक शहर में पानी आपूर्ति का अंतर कम करने में प्रशासन को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी है। इस अवसर पर उपमहापौर राजेन्द्र जंजाल, सभापति अनिल मकरिये उपस्थित थे।

पानी संकट पर महापौर की स्पष्ट स्वीकारोक्ति

राजुरकर ने कहा कि शहर के प्रथम नागरिक के नाते नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पदभार संभालने के बाद पेयजल आपूर्ति का अंतर कम करने के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन तकनीकी बाधाओं, पुरानी पाइप लाइन और बढ़ती आबादी के कारण स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया।उन्होंने माना कि नागरिकों को अब भी कई दिनों के अंतराल के बाद पानी मिल रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी है। नई पाइपलाइन, लीकेज नियंत्रण और जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए कई योजनाओं पर काम शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि नई पाइपलाइन बिछाने, लीकेज रोकने और जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम चल रहा है , इसके बावजूद नागरिकों को अब भी कई दिनों के अंतराल के बाद पानी मिल रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी है , महापौर ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में जल वितरण व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

विकसित छत्रपति संभाजीनगर 2047 की रूपरेखा तैयार

पीएम मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प और सीएम देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में “विकसित छत्रपति संभाजीनगर 2047” की दिशा में दीर्घकालीन योजना तैयार की जा रही है।उन्होंने बताया कि शहर के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करने, खाम और सुखना नदियों को ड्रेनेज मुक्त बनाने तथा बाहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही अवैध बस्तियों पर नियंत्रण के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा सीएसआर फंडिंग के माध्यम से प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण की योजना भी बनाई गई है।

हेरिटेज वॉक से इतिहास से जुड़ रही नई पीढ़ी

महापौर ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर को दो हजार वर्षों का गौरवशाली इतिहास प्राप्त है। शहर की ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से “हेरिटेज वॉक” की शुरुआत की गई है। मार्च, अप्रैल और मई में आयोजित हेरिटेज वॉक को नागरिकों और युवाओं का अच्छा प्रतिसाद मिला है।

खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

उन्होंने बताया कि महानगरपालिका द्वारा पहली बार खेल महोत्सव का आयोजन किया गया। खिलाड़ियों के लिए नई योजनाएं लागू की जा रही हैं और आधुनिक टेबल टेनिस कोर्ट भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से  महापौर चषक राज्यस्तरीय एकांकी प्रतियोगिता, छत्रपति संभाजीनगर सांस्कृतिक महोत्सव, व्याख्यानमाला और त्रिभाषिक कवि सम्मेलन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सांस्कृतिक गतिविधियों को व्यवस्थित रूप देने के लिए महानगरपालिका में सांस्कृतिक अधिकारी नियुक्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

संग्रहालय और स्मारकों के विकास पर भी जोर

महापौर ने बताया कि लंबे समय से उपेक्षित छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय के आधुनिकीकरण की योजना तैयार की गई है। यहां नए दालन बनाए जाएंगे, जिनमें छत्रपति शिवाजी महाराज के शस्त्रागार और मराठा किलों के इतिहास को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि भारतरत्न डॉ बाबासाहेब आंबेडकर और छत्रपति संभाजी महाराज की प्रतिमाओं के निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं। साथ ही डॉ। बाबासाहेब आंबेडकर रिसर्च सेंटर और मौलाना आजाद रिसर्च सेंटर को विकसित करने की दिशा में भी योजना तैयार की जा रही है।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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