चक्का जाम आंदालन की फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया) 
औरंगाबाद

गले में प्याज की माला पहन समृद्धि महामार्ग पर उतरे अंबादास दानवे, टायर जलाकर रोका रास्ता, जानें क्या है मांगे?

Onion Procurement Protest: शिवसेना (UBT) ने प्याज उत्पादक किसानों के समर्थन में समृद्धि महामार्ग पर आंदोलन किया। अंबादास दानवे के नेतृत्व में मार्ग पर टायर जलाकर चक्का जाम किया गया।

गोरक्ष पोफली

Shivsena (UBT) Ambadas Danve Protest On Samruddhi Highway: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में प्याज उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए एक उग्र विद्रोह देखा गया है। शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने वैजापुर तहसील में समृद्धि महामार्ग के जांबरगांव इंटरचेंज पर एक विशाल चक्का जाम आंदोलन किया, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गई। जिससे महामार्ग पर गाड़ियो की भारी भीड लग गई। अंबादास दानवे का कहना है की जबतक कीसी व्यवस्था में बाधा नहीं आती तबतक सरकार की आंखे नहीं खुलती है।

नेतृत्व और विरोध का स्वरूप

यह विरोध प्रदर्शन शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के मार्गदर्शन और अंबादास दानवे के नेतृत्व में आयोजित किया गया। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने गले में प्याज की माला पहनकर और एक्सप्रेसवे पर टायर जलाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। हालांकि प्रशासन ने इस आंदोलन की अनुमति नहीं दी थी, फिर भी किसानों के समर्थन में बड़ी संख्या में शिवसैनिक सड़कों पर उतरे।

शिवसेना की प्रमुख मांगें

अंबादास दानवे व आंदोलनकारियों ने सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं, जिनमें सबसे प्रमुख नाफेड (NAFED) के माध्यम से तत्काल प्याज की खरीद शुरू करना है। जिससे किसानों को राहत मिलेगी। शिवसेना की अन्य मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  • प्याज के लिए ₹2,000 प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य और ₹1,500 की सब्सिडी प्रदान की जाए।
  • प्याज के निर्यात को स्थायी रूप से खुला रखा जाए और उर्वरक सब्सिडी सीधे किसानों के खातों में जमा की जाए।
  • प्याज भंडारण शेड के लिए 75% सब्सिडी और रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराए जाएं।

चक्का जाम आंदोलन का कारण

किसानों का कहना है कि दिन-रात कड़ी मेहनत करने के बावजूद उन्हें अपनी फसल के लिए मिट्टी के भाव दाम मिल रहे हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और क्रोध दिलाने वाला विषय है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार की घोषणाएं केवल खोखली हैं और धरातल पर किसानों को कोई वास्तविक सहायता नहीं मिल रही है।

शिवसेना (UBT) के नेता अंबादास दानवे ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक किसानों को उनके हक का न्याय और उचित मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह संघर्ष और आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। यह पहली बार है जब समृद्धि महामार्ग पर इस तरह का बड़ा राजनीतिक और किसान आंदोलन देखा गया है।

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