AIMIM Protest Against Fuel Price Hike: देश में पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। इस बढ़ती महंगाई और ईंधन संकट के विरोध में छत्रपति संभाजीनगर में एमआईएम ने सरकार के खिलाफ एक अनोखा 'गांधीगिरी' आंदोलन छेड़ दिया है। गुरुवार को महावीर चौक स्थित बाबा पेट्रोल पंप पर आयोजित इस प्रदर्शन में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बेहद रचनात्मक तरीके से केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधा।
दोपहर करीब 12 बजे आयोजित इस आंदोलन का नेतृत्व महानगरपालिका में विरोधी पक्ष नेता समीर साजिद बिल्डर ने किया। प्रदर्शन का सबसे मुख्य आकर्षण 'मेलोडी चॉकलेट' वितरण रहा। एमआईएम कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल भरवाने आए वाहन चालकों को चॉकलेट बांटी और कहा कि यह सरकार तक जनता का आक्रोश पहुँचाने का एक शांत लेकिन प्रभावी माध्यम है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और व्यंग्य कसते हुए "मोदी है तो मुमकिन है" गीत बजाकर सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार किया।
आंदोलन के दौरान समीर साजिद बिल्डर ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी ने महंगाई को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है। उन्होंने कहा, ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव परिवहन खर्च पर पड़ रहा है। आज स्थिति यह है कि परिवहन महंगा होने के कारण किराना, सब्जियां और अन्य दैनिक उपयोग की अनिवार्य वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ गई हैं। इससे मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह से बिगड़ चुका है। उन्होंने केंद्र सरकार से तुरंत ईंधन की कीमतों में कमी करने की मांग की ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
यह भी पढ़ें: दौंड में लॉज की आड़ में चल रहा था जिस्मफरोशी का धंधा, पुलिस ने 10 महिलाओं को छुड़ाया, जानें कैसे हुआ भंडाफोड?
इस प्रदर्शन में पार्टी के पदाधिकारियों, पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। आंदोलन में छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के गटनेता हाजी शेर खान, पार्षद मुन्शी पटेल, वाजेद जहागीरदार, अकील अहमद, मतीन खान, ओसामा कादिर मौलाना, साबेर पटेल, डॉ. कुणाल खरात, फेरोज खान, अमजद खान, अब्दुला बिन हिलाबी, साबेर शेख, नितेश जाधव और हाफिज भाई सहित कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।
वाहन चालकों ने भी इस आंदोलन का समर्थन करते हुए बढ़ती कीमतों पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। एमआईएम के इस गांधीगिरी प्रदर्शन ने न केवल स्थानीय प्रशासन का ध्यान खींचा, बल्कि बढ़ती महंगाई के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने आम जनता की समस्या पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट