अपर वर्धा डैम (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
अमरावती

अपर वर्धा बांध भरा लबालब, कभी भी खुल सकते हैं गेट, नदी किनारे बसे गांवों के लिए जारी अलर्ट

Upper Wardha Dam Overflow: अमरावती में पिछले कई दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण अपर वर्धा डैम पानी से लबालब भर चुका है। प्रशासन ने इसके आसपास के गांवों को अलर्ट रहने का आदेश दिया है।

प्रिया जैस

Upper Wardha Dam: पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण अपर वर्धा बांध के जलग्रहण क्षेत्र में जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है। इसलिए अगले 24 से 36 घंटों में बांध के गेट खोलकर वर्धा नदी बेसिन में पानी छोड़ने का समय आ सकता है। इस संबंध में बांध प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के नागरिकों और मछुआरों को अलर्ट जारी किया है।

बांध प्रशासन की ओर से अमरावती, वर्धा, यवतमाल और चंद्रपुर के जिला कलेक्टरों को एक लिखित सूचना भेजी गई है। इसकी एक प्रति मोर्शी, तिवसा, चांदूर रेलवे, धामणगांव रेलवे, बाबुलगांव, देवली के समूह विकास अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को भी भेजी गई है। मोर्शी से मात्र 8 किमी दूर स्थित इस बांध में जलालखेड़ा क्षेत्र से आई बाढ़ के कारण भारी मात्रा में पानी जमा हो गया है।

गांवों को अलर्ट रहने के दिए निर्देश

27 अगस्त को शाम 6 बजे बांध 90.53 प्रतिशत भर चुका था और जलस्तर 341.90 मीटर तक पहुंच गया था। बांध का निर्धारित स्तर 342.50 मीटर है। यदि भराव 93 प्रतिशत से अधिक होता है, तो 2 से 3 गेट के माध्यम से पानी छोड़ना शुरू किया जाएगा। इस बीच, मध्य प्रदेश से आने वाली जामनादी और माडू नदियां पूरे उफान पर बह रही हैं। इससे अगले कुछ घंटों में जलाशय में और पानी आने की उम्मीद है। इसके चलते प्रशासन ने वर्धा नदी के किनारे बसे गांवों से सतर्क रहने की अपील की है।

शहर में धारा 36 लागू

आगामी दिनों में अमरावती जिले में गणेशोत्सव और मुस्लिम समाज का ईद-ए-मिलाद जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाने हैं। इन त्योहारों के दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से शहर में महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 36 लागू की गई है। शहर में गणेश मूर्तियों की बड़ी संख्या में स्थापना और जुलूसों की संभावना को ध्यान में रखते हुए, 26 अगस्त से 9 सितंबर 2025 की मध्यरात्रि तक यह धारा लागू रहेगी। इस दौरान पुलिस आयुक्त अरविंद चावरिया ने शहर के सभी थाना प्रभारियों, पुलिसकर्मियों और संबंधित अधिकारियों को विशेष अधिकार प्रदान किए हैं।

इस अवधि में जुलूसों की निगरानी,धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण, संभावित अवरोधों को रोकना, पूजा स्थलों और सार्वजनिक मार्गों पर शांति बनाए रखना, ध्वनि यंत्रों (लाउडस्पीकर) के उपयोग पर नियंत्रण, सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बंदोबस्त इन सभी बातों का सख्ती से पालन किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग करते हुए शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

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