Achalpur Murtijapur Railway News: पश्चिम विदर्भ के विकास के लिए लाइफलाइन माना जाने वाला अचलपुरमुर्तिजापुरदारव्हा यवतमाल शकुंतला रेलवे ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट अब गति पकड़ता नजर आ रहा है। करीब 120 साल पुराना इतिहास समेटे इस नैरोगेज ट्रैक का सविस्तर परियोजना रिपोर्ट आखिरकार रेलवे बोर्ड को सौंप दिया गया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार बोर्ड ने इस रिपोर्ट की छाननी का काम शुरू किया है।
विदर्भ में शकुंतला के नाम से मशहूर यह रेलवे लाइन सेंट्रल प्रोविंस रेलवे कंपनी CPRC के मालिकाना हक से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों के कारण दशकों से लंबित थी। लंबे इंतजार के बाद अब इसका डीपीआर तैयार कर लिया गया है। इससे पहले साल 2017 में कैपिटल इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम के तहत महाराष्ट्र सरकार ने इसके लिए 50 प्रतिशत वित्तीय हिस्सेदारी देने की बात कही थी, जिसके बाद फरवरी 2024 के बजट में राज्य सरकार ने इस 50 फीसदी राशि का वित्तीय प्रावधान भी कर दिया था।
ब्रिटिश काल में विदर्भ के कपास को मुंबई के रास्ते इंग्लैंड के मैनचेस्टर तक भेजने के उद्देश्य से इस रेल मार्ग का निर्माण किया गया था। बाद में इस पर यात्री ट्रेनें चलने लगीं। मूर्तिजापुर से अचलपुर और मूर्तिजापुर से यवतमाल के बीच दौड़ने वाली यह ट्रेन वर्धा-नांदेड़ रेल परियोजना को जोड़ने के लिहाज से विशेष महत्व रखती है। इसके ब्रॉडगेज में बदलने से विदर्भ के आर्थिक विकास को बड़ी गति मिलेगी। इस मांग को लेकर शकुंतला रेलवे बचाओ सत्याग्रह समिति अचलपुर और शकुंतला रेलवे विकास समिति यवतमाल लंबे समय से आंदोलन और फॉलोअप कर रही हैं।
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विशेष दर्जे की मांगरेलवे बोर्ड ने इस प्रोजेक्ट को यवतमाल-मुर्तिजापुर और मुर्तिजापुर-अचलपुर जैसे दो हिस्सों में बांटा है। हालांकि, शकुंतला रेलवे विकास समिति के संस्थापक व समन्वयक अक्षय पांडे ने रेलवे बोर्ड पूरे 189 किलोमीटर के यवतमालमुर्तिजापुरअचलपुर मार्ग को एक साथ मंजूरी दे और इसे विशेष परियोजना का दर्जा प्रदान करने की मांग की।