Amravati News: पद्मश्री जनार्दन बोथे के लिए दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में एक खास सम्मान समारोह रखा गया, जिन्होंने अपनी समर्पित जनसेवा से राष्ट्रीय स्तर पर महाराष्ट्र का नाम रोशन किया है। महाराष्ट्र सदन की निवासी आयुक्त और सचिव आर. विमला ने उन्हें शॉल, गुलदस्ता और पौधा देकर सम्मानित किया। महाराष्ट्र सदन में हुए समारोह में सूचना संचालक हेमराज बागुल, सहायक निवासी आयुक्त नितिन शेंडे, जनसंपर्क अधिकारी मनीषा पिंगले, मैनेजर प्रमोद कोलपाटे शामिल हुए।
तुकड़ोजी महाराज के विचारों का गौरव बोथेबोथे ने कहा कि देश की राजधानी में और खासकर महाराष्ट्र सदन में, जो हमारे राज्य का प्रतिनिधित्व करता है, यह सम्मान मेरे लिए घर वापसी जैसा है। यह पुरस्कार सिर्फ मेरे लिए सम्मान नहीं है, बल्कि यह मेरे जीवन में आए महान संत, स्वतंत्रता सेनानी राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज के विचारों और काम का गौरव है।
महाराज द्वारा अमरावती के मोझरी में स्थापित गुरुकुंज आश्रम के हजारों छात्र और कार्यकर्ता देश की संस्कृति, आध्यात्मिकता और देशभक्ति को फिर से जगाने के लिए बिना थके काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे उस गुरुदेव सेवा मंडल के कार्यकर्ताओं के साथ काम करने का मौका मिला, जिसकी वजह से मैं आज यहां पहुंच पाया हूं।
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इस मौके पर आर. विमला ने जनार्दन बोथे के काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि महाराष्ट्र सदन को महाराष्ट्र की मिट्टी से राष्ट्रीय स्तर पर चमकने वाले ऐसे वरिष्ठ और मार्गदर्शक व्यक्तित्व को सम्मानित करने का मौका मिला। हेमराज बागुल ने कहा कि बोथे के सामाजिक यह काम युवा पीढ़ी के लिए बहुत प्रेरणा देने वाला है जो इस क्षेत्र में काम करना चाहते हैं। इस आयोजन में महाराष्ट्र सदन के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।