BJP ने अमरावती शिक्षक सीट पर तीन बागी नेताओं को छह साल के लिए निष्कासित किया।
चंद्रशेखर भोयर, संगीता शिंदे और सुमित पवार ने नामांकन वापस नहीं लिया।
तीनों निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में कायम हैं।
BJP In Maharashtra MLC Election: महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव की गहमागहमी के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। बीजेपी ने अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिंदे गुट के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ बगावत करने पर अपने तीन प्रमुख नेताओं को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के तहत अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र महायुति गठबंधन में शिवसेना (शिंदे गुट) के हिस्से में आया है। गठबंधन ने इस सीट से मौजूदा विधायक किरण सरनाईक को आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है।
हालांकि, सीट के बंटवारे और प्रत्याशी के चयन के बावजूद भारतीय जनता पार्टी के तीन नेताओं ने अलग रास्ता अपनाया। बीजेपी नेता चंद्रशेखर भोयर, संगीता शिंदे और सुमित पवार ने पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग जाकर चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया।
उनके इस कदम को गठबंधन के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ बगावत के रूप में देखा गया। तीनों नेताओं के मैदान में उतरने से अमरावती शिक्षक सीट पर मुकाबला और महायुति के भीतर राजनीतिक हलचल बढ़ गई।
नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन भी जब इन तीनों नेताओं ने अपने पर्चे वापस नहीं लिए, तब पार्टी ने अनुशासनात्मक कदम उठाया। बीजेपी जिलाध्यक्ष और विधायक प्रताप अडसड ने शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर इन तीनों बागी नेताओं को छह साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
बीजेपी से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बावजूद चंद्रशेखर भोयर, संगीता शिंदे और सुमित पवार ने चुनाव मैदान छोड़ने से इनकार कर दिया है। तीनों नेता अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने पर कायम हैं। इससे महायुति गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवार किरण सरनाईक के सामने चुनौती बढ़ सकती है।
गठबंधन में सीट बंटवारे के तहत यह निर्वाचन क्षेत्र शिवसेना (शिंदे गुट) को मिला था, लेकिन बीजेपी नेताओं की बगावत ने राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित किया है। अब चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों की मौजूदगी और गठबंधन के भीतर पैदा हुई असहमति पर सबकी नजरें टिकी हैं।