Maharashtra News: हरितालिका तीज के बाद अब शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गणेश चतुर्थी का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारियां पूरी हो गई हैं। मंगलवार से घर-घर और सार्वजनिक मंडपों में गणपति बप्पा का आगमन ढोल-ताशों की गूंज, पटाखों की रोशनी और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के बीच होगा।
पिछले कई दिनों से गणेशोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। अब मंडपों की सजावट, विद्युत रोशनी और आकर्षक झांकियों ने पूरे शहर का वातावरण भक्तिमय बना दिया है। प्रमुख चौराहों, सड़कों और बस्तियों में छोटे-बड़े मंडपों की सजावट देखने लायक है। इस बार पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियां भी नागरिकों की पहली पसंद बनी हैं।
बाजारों में भी त्योहार की रौनक साफ झलक रही है। रविवार को शहर के प्रभात चौक, मोची गली, गाडगे नगर और राजापेठ जैसे इलाकों में मूर्तियों, माखर, लाइटिंग और सजावटी सामग्री की जबरदस्त खरीदारी हुई। छुट्टी का दिन होने से कामकाजी लोगों ने भी परिवार के साथ दिनभर खरीदारी की। किराना और पूजन सामग्री के साथ लड्डू, मोदक और पकवानों की खुशबू ने माहौल को और भी उत्सवमय बना दिया है। इसे भी पढ़ें- पलकें बिझाकर हो रहा है लाडले बाप्पा का इंतजार, गणेशोत्सव के लिए वाशिम की जनता तैयार
बप्पा के स्वागत के लिए घरों में महिलाओं ने आरती, भजन-कीर्तन और पूजा की तैयारियां कर ली हैं। वहीं पिता-पुत्र की जोड़ियां मूर्तियां लाने में व्यस्त दिखीं। आज से ही सार्वजनिक मंडलों में नियमित आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक जागरूकता से जुड़े आयोजन भी शुरू हो जाएंगे।
उत्सव को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय है। पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और संवेदनशील इलाकों में विशेष नजर रखी जाएगी। स्वच्छता विभाग ने मंडप क्षेत्रों में सफाई की विशेष व्यवस्था की है, जबकि बिजली कंपनी ने निर्बाध आपूर्ति का भरोसा दिया है।
आज से पूरे शहर और ग्रामीण इलाकों में ‘गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया’ के जयकारे गूंजेंगे। भक्ति और उत्साह से सराबोर इस पर्व ने हर घर को खुशियों और उमंग से भर दिया है।