Jain Muni Nilesh Chandra On Uddhav Thackeray: अयोध्या के ऐतिहासिक राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दान में हुई अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्र व राज्य सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मुंबई में जोरदार प्रदर्शन के बाद, ठाकरे समूह ने अब उपराजधानी नागपुर में भी इस मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है।
नागपुर के रामनगर में आयोजित 'राम रक्षा आंदोलन' के लिए ठाकरे समूह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) समेत कई प्रमुख हिंदुत्ववादी संगठनों को आमंत्रित किया है। हालांकि, इस आंदोलन को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बाद अब एक प्रमुख आध्यात्मिक गुरु ने भी उद्धव ठाकरे के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। प्रसिद्ध जैन मुनि नीलेश चंद्र ने ठाकरे के इस कदम की तीखी आलोचना करते हुए उन्हें एक बड़ी चुनौती दे डाली है।
अमरावती में मीडिया से औपचारिक बातचीत करते हुए जैन संत नीलेश चंद्र ने उद्धव ठाकरे की राजनीतिक भूमिका पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा, "उद्धव ठाकरे को आज राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करने की कोई आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें बैठकर कुरान पढ़नी चाहिए। यह वही उद्धव ठाकरे हैं जिन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि क्रूर शासक औरंगजेब उनका भाई है। ऐसे में उन्हें राम रक्षा या हनुमान चालीसा का दिखावा करने की कोई जरूरत नहीं है।"
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जैन मुनि ने अतीत की घटनाओं का स्मरण कराते हुए ठाकरे समूह को घेरा। उन्होंने कहा कि जब अमरावती की सांसद नवनीत राणा मुंबई में हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहती थीं, तब तत्कालीन उद्धव सरकार ने दुर्भावना के तहत उन्हें 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया था। उन्होंने दावा किया कि जो लोग विरोध प्रदर्शनों के दौरान पवित्र श्लोकों का सही उच्चारण भी नहीं कर सकते, उन्हें राम की शरण में जाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। मुनि के अनुसार, ठाकरे पर एक वैचारिक श्राप लगा हुआ है और वर्तमान में उन्हें केवल आत्म-शुद्धिकरण की आवश्यकता है।
जैन मुनि नीलेश चंद्र ने राम मंदिर के वैभव और सरकारी तंत्र पर विश्वास जताते हुए कहा कि प्रभु श्री राम को किसी मानवीय धन-दौलत, राजनीतिक यश या किसी के झूठे समर्थन की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मंदिर पूरी तरह सुरक्षित है, तो हिंदुत्ववादी संगठनों ने इसके खिलाफ कोई विरोध क्यों नहीं किया? उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का संदर्भ देते हुए कहा, "राज्य में आज 'देवभाऊ' (देवेंद्र फडणवीस) की मजबूत सरकार है और वही राम के आदर्शों को आगे बढ़ा रहे हैं।
दूसरी तरफ, इन तमाम भारी विरोधों और तीखी बयानबाजी के बीच ठाकरे समूह नागपुर के रामनगर क्षेत्र में अपने पूर्व निर्धारित 'राम रक्षा पठन आंदोलन' को सफल बनाने की तैयारियों में पूरी तरह जुटा हुआ है। आंदोलन के मद्देनजर नागपुर के विभिन्न प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर बड़े-बड़े राजनीतिक बैनर व होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इन बैनरों पर 'रामद्रोह यानी देशद्रोह' और 'असली हिंदुत्व बनाम नकली हिंदुत्व' जैसे आक्रामक नारे लिखे गए हैं।