

Bhusawal Train Molestation Viral Video: महाराष्ट्र के वर्धा से चलती ट्रेन में महिला सुरक्षा और नारी शक्ति की मिसाल पेश करने वाली एक बेहद दिलचस्प और अनोखी खबर सामने आई है। भुसावल-वर्धा पैसेंजर ट्रेन में सफर कर रही एक जांबाज युवती ने लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ करने वाले एक मनचले को रंगे हाथों पकड़कर ऐसा सबक सिखाया है, जिसे वह जिंदगी भर नहीं भूलेगा।
बहादुर लड़की ने न केवल उस शोहदे का डटकर मुकाबला किया, बल्कि उसे सहयात्रियों की मदद से पकड़कर उसकी जमकर पिटाई भी की। इसके बाद उसे समाज के सामने पूरी तरह शर्मिंदा करने के लिए ट्रेन की सीट पर बिठाया, उसके हाथों में चूड़ियां पहनाईं, होंठों पर लिपस्टिक लगाई और सरेआम कान पकड़कर माफी मंगवाई। ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया है, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक भुसावल-वर्धा पैसेंजर ट्रेन के उस डिब्बे में सवार हुआ था जिसमें कई युवा लड़कियां सफर कर रही थीं। युवक भीड़ का फायदा उठाकर लगातार लड़कियों को 'बैड टच' (गलत तरीके से छूना) कर रहा था और उन पर फब्तियां कस रहा था। आरोपी की इस घिनौनी हरकत से ट्रेन में मौजूद कई लड़कियां बुरी तरह सहम गईं और डर के मारे अपनी सीट बदलकर इधर-उधर दुबकने लगीं।
इसी दौरान ट्रेन में एक अन्य युवती सवार हुई। आरोपी युवक ने उस युवती के अकेले होने का फायदा उठाकर उसके साथ भी गंदी हरकत करने का प्रयास किया। लेकिन इस बार उसकी दाल नहीं गली; युवती ने गजब की हिम्मत और सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत शोर मचा दिया और डिब्बे में मौजूद अन्य यात्रियों को इकट्ठा कर आरोपी को दबोच लिया।
युवती की बहादुरी देखकर भुसावल-वर्धा पैसेंजर ट्रेन में मौजूद अन्य सहयात्री भी उसके समर्थन में आ गए। यात्रियों ने कानून को हाथ में लेने के बजाय आरोपी को मानसिक और सामाजिक रूप से ऐसा सबक सिखाने का फैसला किया जो दूसरों के लिए नजीर बने। यात्रियों ने आरोपी के हाथों में जबरन कांच की चूड़ियां पहना दीं और उसके चेहरे पर लिपस्टिक लगा दी।
इस पूरी घटना का वीडियो इंटरनेट पर आते ही तहलका मच गया है और लोग युवती की जमकर सराहना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने आरोपी की करतूत पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा कि ऐसे अपराधियों का चेहरा छिपाने की कोई जरूरत नहीं है, इसे हर जगह वायरल होने दो ताकि इसके माता-पिता और रिश्तेदारों को भी समाज में शर्मिंदा होना पड़े।
एक अन्य यूजर ने सवाल उठाया कि महिलाओं को परेशान करने वाले लोग अपनी घटिया सोच कब बदलेंगे? क्या उनके घर में मां-बहनें नहीं हैं? यूजर्स का कहना है कि जब तक समाज अपनी सोच नहीं बदलेगा और कानून को सख्ती से लागू नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसी घटनाएं नहीं रुकेंगी। इस मामले में पीड़िता और उसका साथ देने वाले यात्री पूरी तरह तारीफ के काबिल हैं।