अमरावती. राजनीति में प्रवेश करने से पहले मैंने खेती में मेहनत की। गाय और भैंस का दूध निकालकर पोल्ट्री फार्म में अंडे इकट्ठे किए। मैं दिल से एक किसान हूं, मैं सत्ता का भूखा नहीं हूं। ऐसा कथन राकांपा के नेता और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने किया। वरुड की नप विद्या मंदिर मराठी स्कूल मैदान में आयोजित जन सम्मान यात्रा को वे संबोधित कर रहे थे। साथ में पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल उपस्थित थे।
उन्होंने आगे कहा कि सत्ता का उपयोग मानवता कल्याण के लिए करते है। उन्होंने दावा किया कि विधायक देवेंद्र भुयार के माध्यम से विधानसभा क्षेत्र में 4372 करोड़ धन राशि से विकास सुनिश्चित किया। विदर्भ एग्रो विजन प्रोड्यूसर कंपनी के लिए धन राशि आवंटित की। प्रशासकीय भवन व कार्य शाला के लिए 1 करोड़ उपलब्ध करवाया। अजीत पवार ने वादा किया कि शीघ्र ही वरुड में एमआयडीसी स्थापित की जायेगी। पवार ने मालवन में शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने पर फिर एक बार माफी मांगी।
अजीत पवार ने कहा कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी लाडली बहन योजना से 1।60 करोड़ महिलाए लाभान्वित हुई। महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। महिलाओं की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि संतरा निर्यात को बेहतर बनाने के लिए नीति निर्धारित की जाएगी। महायुति सरकार ने राज्य की बहनों को वास्तव में मौलिक उपहार दिया है। अजीत पवार इसके लिए बधाई के पात्र हैं। महिलाएं सशक्त हो रही है। अजीत पवार जैसा नेता समूचे राज्य में नहीं। हमारे विरोधी अवसरवाद से प्रेरित हैं, हम इस बात से बेपरवाह है कि उनके कार्य हमारे जीवन को किस तरह प्रभावित करते है।