चंद्रशेखर बावनकुले को कागज़ से हवा देती महिला (सोर्स: सोशल मीडिया)  
अमरावती

राजस्व मंत्री को कागज से हवा देने लगी महिला शहराध्यक्ष, इस व्यवहार पर चंद्रशेखर बावनकुले ने तुरंत लगाया ब्रेक

Amaravati Janta Darbar News: दर्यापुर में आयोजित जनता दरबार का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें भाजपा महिला शहराध्यक्ष मेघा भारती,चंद्रशेखर बावनकुले को कागज से हवा देती नजर आ रही हैं।

गोरक्ष पोफली

Amaravati Female BJP Leader Fanning Chandrashekhar Bawankule: महाराष्ट्र के अमरावती जिले के दर्यापुर में आयोजित एक जनता दरबार कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राजनीतिक और सार्वजनिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है। इस वीडियो में भाजपा की अमरावती महिला शहर अध्यक्ष मेघा भारती , राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को कागज के एक टुकड़े से पंखा झलती हुई दिखाई दे रही हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना दर्यापुर में आयोजित एक सार्वजनिक शिकायत निवारण बैठक के दौरान हुई, जहाँ नागरिक अपनी समस्याओं और नागरिक मुद्दों को मंत्री और स्थानीय प्रशासन के सामने रखने के लिए इकठ्ठा हुए थे। वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि मेघा भारती मंत्री बावनकुले के ठीक बगल में खड़ी हैं और जब वे लोगों से बातचीत कर रहे थे, तब वह उन्हें कागज से हवा कर रही थीं।

मंत्री की त्वरित प्रतिक्रिया

जैसे ही मंत्री बावनकुले का ध्यान इस ओर गया, उन्होंने तुरंत रोकने का इशारा किया। बावनकुले ने  मेघा भारती को ऐसा करने से तुरंत रोक दिया और उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मर्यादा और उचित प्रोटोकॉल (Decorum and Protocol) बनाए रखने के लिए कहा। हालांकि मंत्री ने तत्काल इस कृत्य को रोक दिया था, लेकिन तब तक किसी ने इसका वीडियो बना लिया जो बाद में इंटरनेट पर फैल गया।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर अलग अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ ने इसे केवल राजनीतिक चाटुकारिता बताते हुए इसकी आलोचना की है, जबकि अन्य लोगों ने मंत्री बावनकुले की सराहना की है कि उन्होंने स्थिति को भांपते हुए तुरंत शिष्टाचार का पालन करने का निर्देश दिया।

प्रशासनिक पारदर्शिता पर जोर

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले महाराष्ट्र भर में समीक्षा बैठकें और जनसंपर्क कार्यक्रम सक्रियता से कर रहे हैं। हाल ही में 15 मई को मुंबई उपनगर कलेक्टरेट में आयोजित एक बैठक में, बावनकुले ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को प्रशासन में नागरिक-केंद्रित और पारदर्शी दृष्टिकोण अपनाने का कड़ा निर्देश दिया था। उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि राजस्व विभाग सीधे नागरिकों की रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन को जमीनी स्तर पर जाकर जनता की शिकायतों को समझना चाहिए।

कुल मिलाकर, अमरावती की इस घटना ने सार्वजनिक जीवन में व्यक्तिगत व्यवहार और आधिकारिक प्रोटोकॉल के बीच की बारीक रेखा को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

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