अमरावती रोजगार गारंटी योजना  (सोर्सः सोशल मीडिया)
अमरावती

ग्रामीण मजदूरों के लिए राहत, रोजगार गारंटी योजना में अमरावती संभाग को 1,145 करोड़ की निधि आवंटित

Amravati Employment Guarantee Fund: महाराष्ट्र रोजगार गारंटी योजना के तहत 2026-27 के लिए अमरावती संभाग के अकोला, अमरावती, बुलढाना, वाशिम और यवतमाल को 1,145.02 करोड़ रुपये की निधि आवंटित की गई है।

आंचल लोखंडे

Amravati Employment Guarantee Scheme: सरकार के नियोजन (रोगायो) विभाग ने महाराष्ट्र रोजगार गारंटी विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिलावार फंड का आवंटन जारी किया है। 1 सितंबर को जारी जीआर के अनुसार 125 दिनों के वैधानिक रोजगार गारंटी के क्रियान्वयन के लिए अमरावती संभाग के पांचों जिलों अकोला, अमरावती, बुलढाना, वाशिम और यवतमाल को कुल मिलाकर 1,145 करोड़ 2 लाख रुपये की मानकाधारित निधि आवंटित की है। इस योजना के तहत वर्ष 2025-26 में जिलों द्वारा बनाए गए मैन डेस के प्रदर्शन को आधार बनाकर राशि का वितरण किया है।

संभाग में सर्वाधिक फंड यवतमाल और अमरावती जिले को प्राप्त हुआ है। वर्ष 2025-26 में 85.76 लाख मानव दिवस का निर्माण करने वाले यवतमाल जिले को सर्वाधिक 372.95 करोड़ का फंड आवंटित हुआ है। संभाग में सबसे अधिक 103.77 लाख मानव दिवस निर्मित करने वाले अमरावती जिले के लिए 270.72 करोड़ मंजूर किए गए हैं। 35.06 लाख मानव दिवस के प्रदर्शन के साथ बुलढाना जिले को 191.23 करोड़ की निधि दी गई है। 36.65 लाख मानव दिवस का निर्माण करने वाले वाशिम जिले के लिए 162.30 करोड़ की राशि तय की है।

जिलावार आवंटन और स्थिति

इसी तरह 34.90 लाख मानव दिवस के साथ अकोला जिले को 147.79 करोड़ आवंटित हुए हैं। जिलों में काम की स्थानीय मांग को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी को आवंटित फंड को जिले के भीतर पुनर्गठित करने का अधिकार दिया गया है। कार्यान्वयन को सुचारू बनाने के लिए ग्राम पंचायतों को A, B और C श्रेणियों में बांटा गया है। हालांकि, ग्राम पंचायत की श्रेणी चाहे जो भी हो, मजदूरों द्वारा काम की मांग किए जाने पर तय सीमा के भीतर रोजगार देना अनिवार्य होगा। अमरावती संभाग के ग्रामीण इलाकों में कृषि मंदी, अतिवृष्टि या प्राकृतिक आपदाओं के समय यह योजना ग्रामीण मजदूरों के लिए आजीविका का बड़ा सहारा साबित होगी।

फंडिंग का स्वरूप और 125 दिनों के बाद का प्रावधान

केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित नए कानून के तहत अकुशल, कुशल और प्रशासनिक मदों पर होने वाले खर्च का 60 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार (राज्य भर के लिए 4,420.32 करोड़) और 40 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार (2,947.00 करोड़) वहन कर रही है। शासकीय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि 125 दिनों की वैधानिक सीमा समाप्त होने के बाद भी मजदूर काम की मांग करते हैं या मानसून के दौरान रोजगार की आवश्यकता पड़ती है, तो राज्य सरकार अपने 'रोजगार गारंटी फंड' से शत-प्रतिशत खर्च उठाकर मजदूरों को काम उपलब्ध कराएगी।

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