

मुंबई: महाराष्ट्र के बीड जिले में 9 दिसंबर को हुए सरपंच संतोष देशमुख हत्याकांड के कुछ वीडियो और तस्वीरें सामने आई है, जिसके बाद से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है। इन तस्वीरों और वीडियो में दिख रही क्रूरता के खिलाफ जनता ने आवाज उठाई है और अब आरोपी के साथ-साथ धनंजय मुंडे को भी कटघरे में ले लिया है। इस मामले में महाराष्ट्र के AIMIM अध्यक्ष ने बड़ा बयान दिया है।
महाराष्ट्र के AIMIM अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने कहा, "जालना और बीड में जो घटनाएं हम सोशल मीडिया पर देख रहे हैं, वे क्रूरता का नंगा प्रदर्शन दिखाती हैं। जालना में जिस तरह से एक व्यक्ति को बेरहमी से पीटा जा रहा है, उसके इर्द-गिर्द कई लोग खड़े हैं, कुछ के हाथ में लाठियां हैं, वह भयावह है।"
बीड हत्याकांड में सामने आए वीडियो का हवाला देते हुए इम्तियाज जलील ने कहा, "सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित को बांध दिया गया था, और आग में गर्म की गई लोहे की छड़ों से उसके शरीर पर 25 वार किए गए थे। अगर आपके सीने में दिल है, तो आप इन दृश्यों को 10 सेकंड भी नहीं देख सकते। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि पुलिस विभाग असहाय दिखाई दे रहा है।"
इम्तियाज जलील ने राजनीति और पुलिस प्रशासन के बीच बदलाव को लेकर कहा, "पहले राजनीति अलग थी, और पुलिस कम से कम राजनीतिक हस्तक्षेप के साथ स्वतंत्र रूप से काम कर सकती थी। अब हस्तक्षेप इतना बढ़ गया है कि पुलिस अधिकारियों को पता है कि इस तरह की क्रूरता करने वाले किसी राजनीतिक नेता से जुड़े हुए हैं। अगर वे कार्रवाई करते हैं, तो उन्हें एक अच्छी पोस्टिंग से हटाकर किसी साइडलाइन पद पर भेज दिया जाएगा। महाराष्ट्र में गुंडा राज चल रहा है और उसी के नमूने रोज देखने को मिल रहा है।"
इम्तियाज जलील ने अदालत से अपील की है कि जब सरकार और प्रशासन बेबस नजर आ रहा है तो अदालत ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री, महाराष्ट्र के डीजी को उस इलाके के एसपी या कमिश्नर को तलब करना चाहिए और जवाब मांगना चाहिए।