प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया) 
अमरावती

ठंड ने बढ़ाई चिंता: सर्दी-खांसी, दमा और त्वचा रोग के मरीजों में उछाल, अस्पतालों में बढ़ी भीड़

Amravati Cold Wave: अमरावती में ठंड बढ़ने से सर्दी, खांसी, दमा और त्वचा रोगों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी। सरकारी व निजी अस्पतालों में भीड़, एक दिन में 1100 से अधिक मरीज दर्ज।

आकाश मसने

Winter Seasonal Diseases Amravati : पिछले दो दिनों से अमरावती में ठंड ने फिर तेजी पकड़ ली है। अचानक बढ़ी सर्दी और हवा में आद्रता बढ़ने से त्वचा रोगों के साथ दमा, सर्दी, खांसी और गले के इंफेक्शन वाले मरीजों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। जिला सामान्य अस्पताल के ओपीडी से लेकर निजी अस्पतालों तक मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। शुक्रवार को ही 1100 से अधिक मरीजों का पंजीयन हुआ है। जिनमें कई दमा और हड्डियों के दर्द के मरीजों को भर्ती करना पड़ा। इनमें बुजुर्गों की संख्या सर्वाधिक है।

मौसम में बदलाव का असर

दिसंबर की शुरुआत से ही बढ़ी ठंड के कारण मौसमी बीमारियों का प्रभाव भी बढ़ गया है। आठ दिन पहले थोड़ी गर्मी लौटने से लोग स्वेटर और कानटोपी पहनना कम कर चुके थे, लेकिन पिछले तीन दिनों से एक बार फिर ठंडी हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी है। रात के समय ठंड का असर और भी अधिक महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार इस मौसम में आने वाले दो महीनों में ठंड और बढ़ सकती है। ठंड बढ़ने से हड्डियों का दर्द, दमा, त्वचा रोग और गले के इंफेक्शन वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल में ग्रामीण भाग से आने वाले मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। खासकर गला दुखना, सर्दी, खांसी वाले मरीजों की तादाद लगातार बढ़ रही है।

न्यूनतम 12-14, अधिकतम 27-29 डिग्री

हालांकि तापमान बहुत कम नहीं है, लेकिन हवा में मौजूद आद्रता से ठंड का असर बढ़ रहा है। अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम 10–11 डिग्री तक गिरने की संभावना जताई जा रही है। ठंड में और बढ़ोतरी होने पर संक्रमणजन्य बीमारियों के साथ त्वचा रोगों के और बढ़ने की आशंका है।

बच्चों में सर्दी-खांसी

जिला अस्पताल के महिला, पुरुष और बालरोग विभाग में कुल 150 से अधिक मरीज भर्ती हैं। इनमें अधिकतर सर्दी, खांसी, ठंड और बुखार वाले मरीज शामिल हैं। छोटे बच्चों में मौसमी बीमारियां खांसी, सर्दी बड़े पैमाने पर चल रही है। जिससे निजी व सरकारी अस्पतालों में भीड देखी जा रही है।

विभागवार मरीजों की संख्या

  • बालरोग विभाग- 120
  • कान,नाक,गला- 150
  • नेत्र विभाग- 140
  • अस्थिरोग (हड्डी)- 200
  • सर्जिकल विभाग- 360
  • डायबिटीज- 360

बुजुर्गों को अधिक तकलीफ

डॉ. अमोल वानखड़े ने बताया कि मौसम के बदलाव के कारण बच्चों में सर्दी-खांसी के मरीज बढ़ रहे हैं। वहीं बुजुर्गों में हड्डियों का दर्द और दमा के मामलों में भी काफी वृद्धि हुई है। कई मरीजों को भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है। अस्पताल में इलाज कराने वालों की संख्या पिछले कुछ दिनों में काफी बढ़ी है।

BRICS Summit 2026 LIVE: नई दिल्ली से चीन के लिए रवाना शी जिनपिंग; ब्रिक्स नेताओं के साथ की अहम बैठक

Hindi Diwas 2026: 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस? 77 साल पहले इस समझौते के बाद तय हुई थी तारीख

BRICS Summit के बाद चीन रवाना हुए शी जिनपिंग, भारत-चीन रिश्तों पर दिए 4 सुझाव

BRICS Summit 2026: मायावती ने की नई दिल्ली घोषणापत्र की तारीफ, कहा- कूटनीति के मोर्चे पर भारत को मिली कामयाबी

Nandigram Bypoll 2026: क्या नंदीग्राम से फिर चुनाव लड़ेंगी ममता? TMC के नाम और सिंबल पर छिड़ी जंग