Amravati RTO Employees One Day Strike: महाराष्ट्र के अमरावती सहित पूरे राज्य से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मोटर वाहन विभाग कर्मचारी संगठन की ओर से सेवा प्रवेश नियमों में संशोधन सहित अपनी विभिन्न प्रलंबित और लंबे समय से अधूरी मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए मंगलवार को राज्यभर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का बिगुल फूंक दिया गया। इस व्यापक हड़ताल के चलते अमरावती ब्यूरो और अन्य संबंधित परिवहन विभागों के सारे महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह से रुक गए और दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा।
इस अचानक हुई एक दिवसीय हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा मार आम जनता और नागरिकों पर पड़ी। आरटीओ कार्यालय में अमरावती शहर सहित ग्रामीण और बाहर के गांवों से आए सैकड़ों नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। वाहन पासिंग, ड्राइविंग लाइसेंस, टैक्स जमा करने और ट्रांसफर जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को अपने काम कराए बिना ही मजबूरन बैरंग वापस लौटना पड़ा। कार्यालय परिसर में दिनभर असमंजस की स्थिति बनी रही और लोग अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए, लेकिन कर्मचारियों के काम पर न होने से कोई भी खिड़की नहीं खुली।
आंदोलनकारी संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस दौरान मीडिया को बताया कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। इससे पहले बीते 2 जून को भी राज्य के सभी आरटीओ कार्यालयों में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर दो घंटे का शांतिपूर्ण धरना और प्रदर्शन किया था। कर्मचारियों का आरोप है कि उस आंदोलन और चेतावनी के बाद भी सरकार तथा संबंधित प्रशासन ने उनकी न्यायसंगत मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और न ही कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। सरकार के इसी ढुलमुल और उपेक्षापूर्ण रवैये से नाराज होकर पूर्व निर्धारित आंदोलन के अगले चरण के तहत राज्यभर के कर्मचारियों ने एकजुट होकर इस सांकेतिक हड़ताल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कर्मचारी संगठन ने अब सरकार के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करने का मन बना लिया है। संगठन ने दो टूक शब्दों में कड़ी चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार ने अब भी उनकी समस्याओं और सेवा नियमों से जुड़ी दिक्कतों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आगामी 16 जून से राज्य के सभी आरटीओ कार्यालयों के कर्मचारी सामूहिक रूप से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
इस महत्वपूर्ण सांकेतिक विरोध प्रदर्शन के दौरान मोटर वाहन विभाग कर्मचारी संघटना के राज्य उपाध्यक्ष अनिल मानकर, राज्य संगठक संदीप खवले के साथ-साथ अभिजीत गावंडे, अक्षय राठोड, अमोल माठोडे, उज्ज्वल ठाकरे, देवेंद्र कलमकर सहित संगठन के अन्य तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आरटीओ कर्मचारी उपस्थित थे।
विपक्ष और कर्मचारी संगठनों के इस कड़े रुख के बाद अब देखना यह होगा कि क्या सरकार 16 जून से पहले इनकी सुध लेती है या परिवहन सेवाएं पूरी तरह ठप हो जाएंगी।