(प्रतीकात्मक तस्वीर) 
अमरावती

अमरावती में सड़क हादसों का बढ़ता कहर, 11 महीने में 342 मौतें, 673 घायल, जानिए क्या है कारण

Amravati Road Accident: अमरावती में सड़क हादसों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 2025 में अब तक 342 लोगों की मौत और 673 घायल हुए। मोबाइल उपयोग, नींद की कमी और हेलमेट न पहनना बड़ी वजहें।

आकाश मसने

Amravati Road Accident Deaths: अमरावती जिले में सड़क हादसों की संख्या हर साल बढ़ रही है और इससे शहरवासियों के बीच सुरक्षा का गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। पिछले कुछ वर्षों में दुर्घटनाओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। रोजाना कहीं न कहीं हादसा हो रहा है, जिसमें कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और कुछ स्थायी रूप से अपंग भी हुए हैं।

अमरावती जिले में तीन हिट एंड रन घटनाएं सामने आई हैं। हादसे के बाद जख्मी को इलाज के लिए ले जाने के बजाय वाहन चालक फरार हो गया। इन घटनाओं के वीडियो भी वायरल हुए थे। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर आरोपी की तलाश की है। नवंबर 2025 तक कुल 342 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। वहीं 673 लोग घायल हुए हैं। शहर में 73 लोगों की मौत और 263 मामूली हादसे हुए।

पिछले वर्ष की तुलना कम दुर्घटनाएं

ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जनवरी से 30 नवंबर तक 269 लोगों की मौत और 410 लोग घायल हुए। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष सड़क हादसों की संख्या थोड़ी कम रही है। पुलिस का कहना है, गोल्डन ऑवर में तुरंत मदद मिलने से कई जानें बची हैं, लेकिन कभी-कभी इलाज में देर होने से लोग अपनी जान गंवा देते हैं।

पुलिस की चेतावनी

  • वाहन चालकों को गति सीमा, सीट बेल्ट और हेलमेट का पालन करना चाहिए।
  • मोबाइल का उपयोग करते समय वाहन न चलाएं।
  • नियमों का पालन कर सुरक्षित यात्रा करें।

हादसों के मुख्य कारण

  • मोबाइल पर बात
  • नींद की कमी
  • हेलमेट न पहनना

ग्रामीण क्षेत्रों में हादसों का आंकड़ा

वर्ष कुल हादसे मौतें घायल
जनवरी–नवंबर 2024 521 297 489
जनवरी–नवंबर 2025 470 269 410

मोबाइल उपयोग भी हादसों की वजह

 अमरावती जिले में सबसे अधिक मौतें दोपहिया और चारपहिया वाहनों के टकराने से हुई हैं। कई बार मोबाइल उपयोग के कारण दुर्घटनाएं हुई हैं। हाईवे पर वाहन चालकों की नींद की कमी भी कई हादसों का कारण बनी। वहीं, हेलमेट ने कई लोगों की जान बचाई।

प्रशासनिक व्यवस्था पर आरोप

हाल ही में बडनेरा रोड पर हुए हादसे में दो लोगों की मौत हुई। इस मामले में एक जख्मी को निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन देर से इलाज मिलने के कारण एक जख्मी की मौत हो गई। इसके लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग पर आरोप लगते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

पुलिस ने की अपील

पुलिस निरीक्षक सतीश पाटील अमरावती ग्रामीण (ट्रैफिक विभाग) ने कहा कि नागरिकों को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने का आवाहन किया गया है। हादसों पर नियंत्रण के लिए पुलिस लगातार जनजागृति अभियान चला रही है। यातायात संकेतों का पालन, हेलमेट व सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग, नशे में वाहन न चलाना और तेज रफ्तार पर रोक, इन नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालान, दंडात्मक कार्रवाई व लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई भी नियमित रूप से की जा रही है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

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