

Rahul Gandhi Pune Visit BJP Claims Foreign Funding: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुणे दौरे और उनके छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया और भीषण तूफान आ गया है। भाजपा के नेता ने इस कार्यक्रम को लेकर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
भाजपा नेता नवनाथ बन ने दावा किया है कि पुणे में आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम छात्रों की वास्तविक आवाज नहीं, बल्कि पूरी तरह से पैसों के दम पर प्रायोजित एक पेड पॉलिटिकल प्रोग्राम है। भाजपा ने इस पूरे मामले को कांग्रेस का नया पीपीपी मॉडल करार दिया है।
भाजपा नेता ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का नाम भले ही छात्रों की गूंज रखा गया हो, लेकिन हकीकत में यह पूरी तरह से पैसों की गूंज बन चुका है। उनका आरोप है कि इस कार्यक्रम में भीड़ और सोशल मीडिया पर सकारात्मक माहौल दिखाने के लिए बड़े पैमाने पर पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
नवनाथ बन का दावा है कि कार्यक्रम में शामिल होने और सोशल मीडिया पर सकारात्मक पोस्ट डालने के लिए प्रत्येक इन्फ्लुएंसर और व्यक्ति को 30 हजार से 35 हजार रुपये तक का लालच दिया जा रहा है। इस तरह लगभग 3 हजार लोगों को इस लालच के जरिए जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिसके लिए सिर्फ इन्फ्लुएंसर्स पर ही 9 से 10 करोड़ रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं।
भाजपा नेता नवनाथ बन ने अपने दावों को साबित करने के लिए दो कॉल रिकॉर्डिंग और वीडियो भी जारी किए हैं। इन वीडियो में कथित तौर पर शंतनू नाम का एक व्यक्ति सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और छात्राओं से डील करता हुआ सुनाई दे रहा है।
इस डील के तहत इन्फ्लुएंसर्स को कार्यक्रम में आना है, वहां राहुल गांधी का केवल सकारात्मक कव्हरेज करना है, उनके पक्ष में बाइट्स देने हैं और यदि राहुल गांधी से कोई गलती या गलत बाइट्स होती हैं तो उन्हें डिलीट कर देना है। भाजपा का आरोप है कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद किसी होटल में या मौके पर ही कैश में इस पैसे का भुगतान किया जाना तय हुआ है।
इस बड़े खुलासे के बाद भाजपा नेता ने कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी से सीधे पांच सवाल पूछे हैं।
यह पैसा कौन दे रहा है और प्रत्येक इन्फ्लुएंसर को 30-35 हजार रुपये बांटने के पीछे असली चेहरा किसका है?
इस एक कार्यक्रम के लिए 9 से 10 करोड़ रुपये खर्च करने के लिए यह फंड कहां से आया?
क्या इस भारी-भरकम राशि का फॉरेन फंडिंग से कोई सीधा संबंध है?
क्या यह पैसा कर्नाटक और केरल जैसे कांग्रेस शासित राज्यों में ठेकेदारों की कमीशनखोरी से आया है?
राहुल गांधी को बार-बार रीलॉन्च करने के लिए कांग्रेस का कुल बजट कितने हजार करोड़ रुपये का है, क्योंकि सिर्फ पुणे के इस एक कार्यक्रम का कुल बजट ही 50 से 100 करोड़ रुपये के आसपास होने की आशंका है।
भाजपा ने केंद्र सरकार से इस गंभीर वित्तीय और राजनीतिक हेराफेरी की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। भाजपा नेता नवनाथ बन का कहना है कि राहुल गांधी को अब तक लगभग 99 बार रीलॉन्च करने की कोशिश की गई है लेकिन वे असफल रहे।
अब जनता का समर्थन न होने के कारण वे इस तरह के पेड पॉलिटिकल प्रोग्राम का सहारा ले रहे हैं। भाजपा ने मांग की है कि इस पूरे काले धन के इस्तेमाल और शंतनू नामक व्यक्ति के कॉल रिकॉर्ड्स की गहराई से जांच के लिए एसआईटी या सीबीआई का गठन किया जाए।