कृषि विशेषज्ञ तस्वीर (सोर्सः सोशल मीडिया) 
अमरावती

Amravati News: सोयाबीन फसल बचाने के लिए कृषि विशेषज्ञों की सलाह, जल्दबाजी में न करें छिड़काव

Rain Break Advisory: अमरावती में कृषि विशेषज्ञों ने सोयाबीन किसानों से बारिश का क्रम रुकने पर घबराने के बजाय वैज्ञानिक सलाह अपनाने की अपील की है। अनावश्यक महंगे छिड़काव से बचने की बात कही।

आंचल लोखंडे

Amravati Soybean Farmers: अमरावती जिले में बारिश का क्रम कुछ दिनों के लिए थमने से सोयाबीन उत्पादकों में चिंता का माहौल है, लेकिन कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से घबराने के बजाय वैज्ञानिक सलाह अपनाने की अपील की है। डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ के प्रादेशिक कृषि अनुसंधान केंद्र ने कहा है कि इस समय फसल को अनावश्यक दवाइयों और महंगे पोषक तत्वों का छिड़काव करने के बजाय खेत में नमी बनाए रखना सबसे अधिक जरूरी है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि खेत में पर्याप्त नमी है तो किसान हल्की खरपतवार की सफाई करें कर मिट्टी की ऊपरी परत तोड़ें, जिससे नमी लंबे समय तक बनी रहे और खरपतवार पर भी नियंत्रण हो। जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा है, वे आवश्यकता पड़ने पर हल्की सिंचाई करें।

खेत में पर्याप्त नमी हो

सामान्य बारिश के अंतराल में महंगे टॉनिक या उर्वरकों का छिड़काव करने की जरूरत नहीं है। यदि लंबे समय तक पानी का अभाव बना रहे, तभी कृषि विभाग की अनुशंसित सलाह के अनुसार पोषक तत्वों का छिड़काव करें।

वैकल्पिक फसलों पर विचार करें

कृषि वैज्ञानिकों ने यह भी कहा है कि जिन क्षेत्रों में अब तक बुआई नहीं हो सकी है, वहां किसान समय पर शीघ्र परिपक्व होने वाली सोयाबीन किस्मों का चयन करें और वैज्ञानिक पद्धति से बुआई करें।

यदि बुवाई में अत्यधिक विलंब हो जाए तो सोयाबीन के स्थान पर सूर्यफूल या मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों पर विचार करना अधिक लाभदायक रहेगा। अनुसंधान केंद्र ने किसानों से मौसम की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग और कृषि विश्वविद्यालय की सलाह के अनुसार ही खेती संबंधी निर्णय लेने तथा अफवाहों या बिना आवश्यकता के महंगे कृषि उपायों से बचने की अपील की है

कृषि विशेषज्ञों की प्रमुख सलाह

फसल की वर्तमान अवस्था 1215 दिन की सोयाबीन फसल बारिश का अंतराल पिछले 56 दिनों से वर्षा नहीं 34 दिन के सूखे में टॉनिक या 191919 का छिड़काव आवश्यक नहीं 710 दिन से अधिक नमी की कमी होने पर 1 पोटैशियम नाइट्रेट या 191919 का छिड़काव सुबह या शाम करें।

23 जुलाई तक सोयाबीन की बुआई अभी तक बुवाई नहीं हुई हो तो 23 जुलाई तक सोयाबीन की बुआई की जा सकती है देर से बुवाई पर संभावित उत्पादन में कमी 1520 अनुशंसित किस्में JS 2034, JS 9560, PDKV अंबा, MAUS725 कतार से कतार की दूरी 30 सेंटीमीटर अनुशंसित पद्धति बीबीएफ BBF या पट्टा पद्धति से बुवाई। अंतरवर्ती फसल सोयाबीन के साथ तुअर अरहर लाभकारी 25 जुलाई के बाद बुआई संभव न हो तो सोयाबीन के स्थान पर सूरजमुखी या मक्का की खेती करें।

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