अमरावती की कुमकुम मोहोड  (सोर्सः सोशल मीडिया)
अमरावती

अमरावती की कुमकुम मोहोड ने साधा गोल्ड मेडल पर निशाना, संघर्ष और चुनौतियों से लड़कर ऐसे तय किया सफर

Kumkum Mohod Gold Medal Winner: अमरावती की 17 वर्षीय तीरंदाज कुमकुम मोहोड ने एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर शहर और देश का नाम रोशन किया। उनके परिवार में जश्न का माहौल है।

आंचल लोखंडे

Amravati Archer Kumkum Mohod: घर की सामान्य आर्थिक स्थिति, पिता का घर पर मिठाई के डिब्बे बनाने का काम और मां गृहिणी। इन परिस्थितियों के बीच माता-पिता के अपनी बेटी को खेल जगत में देश का नाम रोशन करते देखने के सपने को पूरा करने के लिए कुमकुम मोहोड ने धनुष-बाण थामा।

कठिन संघर्ष और चुनौतियों को पार करते हुए कुमकुम ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। अमरावती की इस होनहार तीरंदाज की सफलता ने शहर का नाम भी रोशन किया है। कुमकुम सुलोचना बेन कापडिया जूनियर कॉलेज की छात्रा है।

साधारण परिवार से निकला 'गोल्डन' सितारा

कुमकुम की पारिवारिक पृष्ठभूमि बेहद साधारण है। उसके पिता अनिल मोहोड घर पर मिठाई के डिब्बे बनाने का काम करते हैं, जबकि मां रूपाली गृहणी हैं। मां की प्रेरणा से कुमकुम ने करीब 6 साल पहले तीरंदाजी की शुरुआत की थी। कोच प्रफुल्ल डांगे के मार्गदर्शन में उसने शुरुआती गुर सीखे।

वर्ष 2023 में अमरावती में खेलो इंडिया केंद्र शुरू होने के बाद उसने वहां अभ्यास जारी रखा, जहां उसे कोच गिरीश कुकडे का मार्गदर्शन भी मिला। कुमकुम के कोच प्रफुल्ल डांगे ने उसकी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उसने फाइनल मैच में एक अनुभवी तीरंदाज की तरह खेल दिखाया। दबाव के पलों में उसने पूरे अंक हासिल किए और अपनी जिम्मेदारी निभाई। उसने शहर और देश का मान बढ़ाया है।

पहले ही एशियाई खेल में रचा इतिहास

शहर के गोसावी कॉलोनी स्थित अपने साधारण से घर से एशियन गेम्स के पोडियम तक का सफर 17 वर्षीय कुमकुम अनिल मोहोड ने अपनी लगन से तय किया। कुमकुम एशियन गेम्स में तीरंदाजी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली अमरावती की पहली खिलाड़ी बन गई हैं।

अपने करियर के पहले ही सीनियर सीजन में शंघाई और अंताल्या (तुर्की) में लगातार दो 'वर्ल्ड कप' गोल्ड मेडल जीतने के बाद, कुमकुम ने डेब्यू एशियन गेम्स में व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही मिक्स टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर अपनी दोहरी उपलब्धि दर्ज की।

घर में जश्न का माहौल, 5 को भव्य स्वागत

कुमकुम की इस ऐतिहासिक जीत से उसके पिता अनिल मोहोड और मां रूपाली की खुशी का ठिकाना नहीं है। पिता अनिल मोहोड ने भावुक होते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में उसने इतनी बड़ी उड़ान भरी है, जिस पर हमें गर्व है। उसकी सफलता देखकर मां की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। कुमकुम के अमरावती लौटने पर उसके भव्य।

स्वागत की तैयारियां शुरू हुई हैं। परिजनों ने बताया कि कुमकुम 5 अक्टूबर को अमरावती आ रही है। इस अवसर पर राजकमल चौक से डिविजनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक उसकी विशाल जुलूस निकाला जाएगा। गुजराती एजूकेशन सोसायटी के अध्यक्ष सीए नीलेश लाठिया तथा कार्यकारिणी सदस्यों एवं मुख्याध्यापिका अंजली देव ने कुमकुम की सफलता को लेकर खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी तथा आगे के उज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

IMD Weather Alert: 60 KM/H की रफ्तार से आंधी और बिजली! 3 अक्टूबर को घर से निकलने से पहले देखें पूरी रिपोर्ट

क्या कुमार विश्वास जाएंगे राज्यसभा, भाजपा के इस सियासी दांव से कितना नफा-नुकसान; CM योगी से मिलेगी हरी झंडी?

यूपी कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, आराधना मिश्रा मोना बनीं प्रदेश अध्यक्ष; इमरान मसूद को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी

Pargat Singh: परगट सिंह बने पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष, वड़िंग की जगह संभालेंगे कमान

Kal Ka Mausam: 3 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम? दिल्ली, UP, बिहार से नॉर्थ ईस्ट तक, जानें IMD का ताजा अपडेट