Amravati Chandrashekhar Bawankule Janata Darbar: अमरावती के नियोजन भवन में आयोजित जनता दरबार में जिलेभर से नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने 1,000 से अधिक आवेदन स्वीकार किए।
हालांकि, कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल होने और टोकन व्यवस्था के बावजूद कई लोगों के पालकमंत्री तक नहीं पहुंच पाने की शिकायत सामने आई।
अमरावती वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय स्थित नियोजन भवन में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे। पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की पहल पर आयोजित जनता दरबार में लोगों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक और प्रशासनिक समस्याएं सीधे उनके सामने रखीं।
राजस्व, स्थानीय प्रशासन, सड़क, बिजली, पानी, आवास और विभिन्न सामाजिक योजनाओं से जुड़े मामले नागरिकों ने सामने रखे। पालकमंत्री ने कई शिकायतें और आवेदन स्वयं सुने तथा संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बावनकुले ने अधिकारियों से कहा कि जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों को केवल स्वीकार कर औपचारिकता पूरी न की जाए। प्रत्येक प्रकरण पर नियमानुसार और समयबद्ध कार्रवाई हो तथा कार्रवाई की जानकारी संबंधित नागरिकों को भी दी जाए।
कार्यक्रम के दौरान अमरावती जिलेभर से आए नागरिकों के 1,000 से अधिक आवेदन स्वीकार किए गए। लंबे समय से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने वाले कई नागरिकों ने सीधे पालकमंत्री के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर मिलने पर समाधान की उम्मीद जताई।
हालांकि, कार्यक्रम की व्यवस्था को लेकर कुछ नागरिकों में नाराजगी भी दिखाई दी। शिकायतें रखने के लिए टोकन व्यवस्था की गई थी, लेकिन आगे की व्यवस्था को लेकर पर्याप्त समन्वय नहीं होने के कारण कई नागरिक पालकमंत्री के सामने अपनी समस्या नहीं रख सके।
नियोजन भवन में कार्यक्रम के दौरान उस समय अव्यवस्था की स्थिति बन गई, जब पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही बिजली गुल हो गई। इससे वहां मौजूद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भवन के भीतर बैठे बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य नागरिकों को गर्मी और उमस में इंतजार करना पड़ा।
इसके अलावा, कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा व्यवस्था के कारण वे अपनी समस्या लेकर पालकमंत्री तक नहीं पहुंच सके।
कार्यक्रम में विधायक प्रविण तायडे, प्रविण पोटे, प्रताप अडसड, केवलराम काले, राजेश वानखडे, उमेश यावलकर, विभागीय आयुक्त नयना गुंडे, जिलाधिकारी आशिष येरेकर, मनपा आयुक्त मंगेश गोदावले, एसपी निकेतन कदम, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्यम गांधी सहित अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।