Heavy Rain and Storm Damage Amravati: अमरावती जिले में सोमवार को दिन भर पारा 45 डिग्री सेल्सियस रहने और भीषण तपिश के बाद अचानक मौसम ने करवट बदली। दोपहर करीब 3 बजे के दौरान क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश ने धमाकेदार वापसी की। इस अचानक आई प्राकृतिक आपदा के दौरान शहर में कई जगहों पर विशाल पेड़ गिरने सहित भारी जल-जमाव होने और कई मकानों व दुकानों के टीन के शेड उड़ने की चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं।
सोमवार की दोपहर हुई इस मूसलाधार बारिश के साथ चली चक्रवाती हवाओं के कारण जोशी मार्केट के सामने लगा मुख्य दर्शनीय शेड पूरी तरह से उखड़कर जमीन पर आ गिरा। इसके साथ ही शहर के कई प्रमुख और अंदरूनी स्थानों पर छोटे-बड़े पेड़ धराशायी होने की भी सूचना मिली है। कई बड़े व्यापारिक संकुलों में अचानक पानी भर जाने से भारी जल-जमाव की स्थिति निर्मित हो गई।
वहीं, रास्तों के किनारे बनी नालियों की समय पर सफाई न होने के कारण उनका गंदा पानी उफनकर मुख्य सड़कों पर आ गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस अचानक आई तेज हवा और मूसलाधार बारिश के कारण पूरे अमरावती शहर में अफरा-तफरी मच गई और सड़कों पर चल रहे लोग खुद को बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर छिपने को मजबूर हो गए। इस तेज बारिश ने पूरे शहर को पूरी तरह से तर-बतर कर दिया है।
जहां एक ओर अमरावती महानगरपालिका द्वारा शहर की स्वच्छता और सुदृढ़ ड्रेनेज व्यवस्था के लिए ढोल-ताशे बजाकर बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जाता है, वहीं दूसरी ओर मनपा प्रशासन की इस पूरी खोखली व्यवस्था और कागजी 'बारिश पूर्व नियोजन' की पोल सोमवार को आई पहली ही जोरदार बारिश ने पूरी तरह से खोलकर रख दी है।
आश्चर्य और विडंबना की बात यह रही कि शहर को जल-जमाव से बचाने का दावा करने वाले मनपा प्रशासन के खुद के मुख्यालय परिसर के भीतर ही भारी जल-जमाव देखा गया। चारों तरफ पानी भर जाने के कारण मनपा मुख्यालय किसी तालाब जैसा नजर आने लगा था। जागरूक नागरिकों ने इस बदहाली का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद मनपा की कार्यप्रणाली पर जमकर मीम्स बनाए जा रहे हैं।
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लापरवाही का आलम यहीं खत्म नहीं हुआ; मनपा मुख्यालय के भीतर वर्तमान में महापौर कक्ष के रिनोवेशन का कार्य चल रहा है। इस कार्य के चलते कार्यालय का सारा कीमती फर्नीचर अस्थाई रूप से बाहर खुले परिसर में रखा गया था। प्रशासनिक अधिकारियों की दूरदर्शिता की कमी के कारण इस अचानक आई तेज बारिश में वह सारा फर्नीचर पूरी तरह से भीगकर खराब हो गया। इस घटना ने साफ कर दिया है कि मानसून का सामना करने के लिए अमरावती महानगरपालिका की तैयारियां धरातल पर कितनी शून्य हैं।