Amravati Hospital Fire: अमरावती-जिला महिला अस्पताल के अति दक्षता विभाग में आग लगने से 3 नवजात बच्चों की मौत की घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस घटना की जांच के लिए सात सदस्यों की जांच कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी अगले आठ दिन में रिपोर्ट देगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा, यह जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर ने यहां दी।
जिला महिला अस्पताल में हुए हादसे के बाद,मंत्री प्रकाश आबिटकर ने उस अति दक्षता कक्ष का दौरा किया। जहां हादसा हुआ था और उसका निरीक्षण किया।इस मौके पर विधायक सुलभा खोडके, महापौर श्रीचंद तेजवानी,प्रधान सचिव, स्वास्थ्य विभाग डॉ. निपुण विनायक, विभागीय आयुक्त नयना गुंडे, स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. नितिन अंबाडेकर, जिलाधीश आशीष येरेकर मौजूद थे।
आबिटकर ने आगे कहा कि घटनास्थल का मुआयना करने पर घटना की गंभीरता का पता चला। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। यह नया अस्पताल दो साल पहले ही शुरू हुआ था। वहां सभी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इसलिए ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी। इस घटना की सही वजह का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए स्वास्थ्य आयुक्त संजय काटकर की अध्यक्षता में सात सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में महाराष्ट्र विद्युत निगम के मुख्य अभियंता,एम्स के वरिष्ठ अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय अधिकारी शामिल होंगे।अगले आठ दिनों में घटना की पूरी जांच की जाएगी और सीधे तौर पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह कमेटी समस्या की गहराई में जाकर वजहों का पता लगाएगी। वेंटिलेटर, पावर सिस्टम में खराबी, फायर ऑडिट और दूसरी गड़बड़ियों की पूरी जांच की जाएगी। शासकीय यंत्रणा को भी इस बुरी घटना से सीखना होगा। सरकार पाई जाने वाली गलतियों को ठीक करने की पूरी कोशिश करेगी। साथ ही, इस घटना में मरने वाले नवजात बच्चों के माता-पिता को सरकार पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी।साथ ही, घायल बच्चों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी।
आज की घटना की गंभीरता को देखते हुए, मुंबई में मंत्रालय में संबंधित विभागों के प्रमुखों के साथ चर्चा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में नियमों के अनुसार फायर ऑडिट किया जाए। साथ ही, सभी अस्पतालों को ज़रूरी निर्देश दिए जाने की बात उन्होंने इस समय कहीं। इस बीच, स्वास्थ्य मंत्री आबिटकर ने डॉ. पंजाबराव देशमुख मेडिकल कॉलेज का दौरा किया और हादसे में घायल नवजात बच्चों का हालचाल पूछा, जिनका इलाज जारी है।