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अमरावती समेत महाराष्ट्र के ठाणे, सातारा, सोलापुर, सांगली, बीड, हिंगोली और परभणी के जिला न्यायालयों को धमकी भरे ई-मेल मिले।
अमरावती जिला न्यायालय को ई-मेल मिलने के बाद न्यायाधीशों, वकीलों और पक्षकारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
पुलिस, बम शोधक एवं नाशक दस्ता (BDDS), श्वान पथक और साइबर सेल की टीम ने जांच शुरू की।
Amravati District Court Bomb Threat: राज्य के ठाणे, सातारा, सोलापुर, सांगली, बीड, हिंगोली, परभणी और अमरावती जैसे कई जिला एवं सत्र न्यायालयों को सोमवार को एक साथ बम से उड़ाने के धमकी भरे ईमेल मिलने से अमरावती में हडकंप मच गया। धमकी भरे ईमेल देखते ही वरिष्ठ न्यायाधीशों ने बिना किसी देरी के सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया और एहतियात के तौर पर पूरे अदालत परिसर को तुरंत खाली कराने के आदेश दिए।
न्यायाधीशों, वकीलों और पक्षकारों को सुरक्षित बाहर निकालकर इमारतों को खाली कराया गया। जिसके बाद पुलिस अधिकारी, कर्मी, श्वान पथक, बम शोधक पथक क्यूआरटी टीमों से न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। जांच में जुटीं पुलिस और बीडीडीएस की टीम घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, बम निरोधक व शोधक दस्ता और साइबर सेल की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला।
अदालत की इमारतों को खाली कराकर कोने-कोने की तलाशी ली गई। इस घटना के कारण पूरे अदालत परिसर में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। सभी वकील और काम से आए लोगों को न्यायालय के बाहर निकाला गया था। पुलिस आयुक्त राकेश ओला, उपायुक्त श्याम घुगे, उपायुक्त प्रांजलि सोनवणे भी न्यायालय में पहुंचे। देखते ही देखते यह खबर शहर में आग की तरह फैल गई। जिससे चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
पुलिस उपायुक्त श्याम घुगे ने कहा कि अमरावती न्यायालय के ई मेल पर धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ था। जिसके मद्देनजर बीडीडीएस और पुलिस अधिकारी व कर्मियों द्वारा निरीक्षण किया गया, जिसमें कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है। पुलिस कानूनी कार्रवाई कर रही है।
न्यायालय परिसर में नागरिकों की बढ़ती भीड को स्वयं जज ने बाहर निकलने को कहा, जज और वकीलों ने परिसर में खड़े लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से बाहर निकाला, साथ ही न्यायालय के दोनों गेट बंद कर दिए गए थे।
धमकी की हलके में न लेते हुए दमकल विभाग के वाहन की भी न्यायालय परिसर में लाकर खड़ा कर दिया था। बम की अफवाह है या मॉकड्रिल यह स्पष्ट नहीं किया था, जिससे वकीलों में चर्चाओं का बाजार गर्म था।
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारी, कर्मी न्यायालय परिसर में दाखिल हुए थे। लेकिन किसी भी अधिकारी ने यह मॉकड्रिल है या न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी से लगाई सुरक्षा व्यवस्था यह स्पष्ट नहीं किया था। करीब चार घंटे तक पुलिस और बीडीडीएस का दल न्यायालय परिसर की चप्पे चप्पे की तलाशी ली।
जांच के बाद न्यायालय में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु या सामग्री नहीं मिली। जिससे सभी ने राहत की सास ली। यह एक अफवाह वाला ईमेल रहने की बात स्पष्ट होने के बाद साइबर सेल पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।