अमरावती मनपा: उपमहापौर सचिन भेंडे तस्वीर (सोर्स: नवभारत)  
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अमरावती मनपा: उपमहापौर सचिन भेंडे ने पेश किया विकास का 'रोडमैप'; पर्यावरण, शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस

Amravati Mayor News: उपमहापौर सचिन भेंडे ने पदभार संभालते ही शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता को प्राथमिकता दी। उन्होंने 'बेंगलुरु पैटर्न' पर उद्यानों के विकास और प्लास्टिक मुक्त अमरावती बनाने का संकल्प

रूपम सिंह

Amravati Municipal Corporation News: अमरावती मनपा के उपमहापौर सचिन भेंडे ने कहा कि शहर में विकास योजनाओं के लिए निधि तो आती है और योजनाएं भी बनती हैं, लेकिन प्रशासनिक इच्छाशक्ति के अभाव में वे प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पातीं। अच्छी योजनाओं को बल नहीं मिलता। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता इन तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में यह स्थिति बदलना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। पदभार संभालने के बाद उन्होंने अपने आगामी कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

प्लास्टिक मुक्त अमरावती पर विशेष जोर

शहर की स्वच्छता के बारे में पूछे जाने पर भेंडे ने कहा कि "प्लास्टिक मुक्त अमरावती" समय की आवश्यकता है। शहर में कचरे के ढेरों में सबसे अधिक मात्रा प्लास्टिक कैरीबैग की दिखाई देती है। इन कैरीबैग की आपूर्ति श्रृंखला निर्माता, वितरक और खुदरा विक्रेता को स्थायी रूप से तोड़ना आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से भी स्वेच्छा से प्लास्टिक का उपयोग बंद करने की अपील की।

शिक्षा के स्तर में सुधार पर फोकस

भेंडे ने कहा कि स्वास्थ्य जितना महत्वपूर्ण है, शिक्षा भी उतनी ही अहम है। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत निर्मित अष्टकोणीय स्कूल भवनों की वर्तमान दुर्दशा चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि अमरावती जिला नियोजन से मिलने वाला निधि आखिर खर्च कहां होता है। एआई के युग में अत्याधुनिक पुस्तकालय, विद्यार्थियों को मुफ्त पुस्तकें और शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना जरूरी है। मनपा में सीबीएसई पैटर्न और मराठी माध्यम की पढ़ाई मुफ्त उपलब्ध होने के बावजूद विद्यार्थी संख्या कम क्यों है, इस पर सूक्ष्म स्तर पर काम किया जाएगा। निजी स्कूलों की तुलना में शिक्षा का स्तर बेहतर बनाना प्राथमिकता रहेगी।

स्वास्थ्य सुविधाएं अंतिम घटक तक पहुंचाएंगे

उपमहापौर सचिन भेंडे ने कहा कि 15वें वित आयोग के अंतर्गत प्राप्त निधि से महानगरपालिका को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और उपकरण मिले है, लेकिन कई जगह वे उपयोग में नहीं है, करोड़ों रुपये के कथित दवा घोटाले की जानकारी भी सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन अनियमितताओं पर रोक लगाकर स्वास्थ्य सुविधाएं अंतिम पंक्ति के मरीज तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है। वे इस दिशा में तत्काल काम शुरू कर चुके हैं और शहर के विकास के लिए ठोस एवं प्रभावी अमल सुनिश्चित करेंगे।

शहर के बदहाल उद्यानों का पुनर्जीवन और 'बेंगलुरु पैटर्न'

  • शहर के उद्यानों की बदहाल स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इन्हें पुनर्जीवित किया जाएगा। 'बेंगलुरु पैटर्न' पर रबरी ट्रैक लगाने की योजना है, ताकि टहलने वालों को रीढ़ संबंधी समस्याएं न हों। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए उपयोगी उद्यान विकसित किए जाएंगे।
  • यह कार्य प्रशासन पर दबाव डालकर नहीं, बल्कि उन्हें साथ लेकर किया जाएगा।

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