Dafferin Hospital Fire Investigation: अमरावती जिला महिला सरकारी अस्पताल (डफरीन) के एसएनआईयू में 24 अगस्त को हुए अग्निकांड को लेकर सरकार गंभीर है। जांच में यदि किसी की लापरवाही उजागर हुई तो सदोष मनुष्यवध का मामला दर्ज किया जाएगा, यह स्पष्ट संकेत जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित संवाददाताओं से चर्चा करते हुए दिए।
उन्होंने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की तथा विभिन्न अस्पतालों में उपचार ले रहे नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली। घटना के आठ दिन बाद अमरावती पहुंचने पर बावनकुले ने कहा कि वे भले ही शहर में मौजूद नहीं थे, लेकिन प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में रहकर पल-पल की जानकारी लेते रहे। इस समय सांसद डॉ. अनिल बोंडे, विधायक प्रवीण पोटे, रवि राणा, जिलाधिकारी आशीष येरेकर, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. विनोद पवार, आरती राजेश वानखड़े और तुषार भारतीय उपस्थित थे।
बावनकुले ने कहा कि घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार की संवेदनाएं मृतक बच्चों के परिवारों के साथ हैं। उपचार के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा जिन अस्पतालों में नवजातों का इलाज चल रहा है, वहां किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि घटना की पूरी जांच की जा रही है। पीडब्ल्यूडी मंत्री से भी चर्चा हुई है और स्वतंत्र जांच के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
पालकमंत्री ने कहा कि डफरीन अस्पताल को भविष्य में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। अस्पताल के विकास के लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिला नियोजन समिती के माध्यम से 2025-26 में 3.76 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग के लिए आवंटित 50 करोड़ रुपये में से 25 करोड़ रुपये जारी किए।