Amravati Chikhaldara Health Center Negligence Woman Death: मेलघाट के चिखलदरा क्षेत्र में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल महिला को हतरू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, लेकिन परिजनों के अनुसार वहां डॉक्टर, नर्स और एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं थी। निजी वाहन से चुरणी ले जाने के बाद डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
चिखलदरा मेलघाट के चिखलदरा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। रविवार सुबह करीब 11 बजे चिलाटी-सिमोरी मार्ग पर हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 25 वर्षीय महिला को इलाज के लिए हतरू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में उस समय न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही नर्स।
रायपुर निवासी भुरय मिथुन धांडे अपने मायके जा रही थीं। इसी दौरान चिलाटी-सिमोरी मार्ग पर उनका सड़क हादसा हो गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए हतरू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
परिजनों के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के बाद गंभीर रूप से घायल महिला को तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। केंद्र में ड्यूटी पर डॉक्टर या नर्स मौजूद नहीं होने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा महिला को किसी बड़े अस्पताल में ले जाने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
इलाज में देरी के बाद परिजनों ने खुद निजी वाहन की व्यवस्था की और महिला को चुरणी ग्रामीण अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया।
मृतका के भाई शिकारी बेठेकर ने स्वास्थ्य प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि समय पर उपचार मिलने पर उनकी बहन की जान बच सकती थी। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया।
गुस्साए परिजनों के साथ प्रहार और शिवसेना (शिंदे गुट) के पदाधिकारियों ने धरना दिया। उन्होंने मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रहार-शिंदे सेना के तालुकाध्यक्ष नरेंद्र टाले ने हतरू स्वास्थ्य केंद्र के जिम्मेदार डॉक्टरों, कर्मचारियों और एम्बुलेंस चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने दोषियों के निलंबन के साथ आपराधिक लापरवाही का मामला दर्ज करने की मांग रखी।
परिजनों ने गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होने तक शव लेने और पोस्टमार्टम कराने से इनकार करने की बात कही है।