Amravati Kharif Season: खरीफ सीजन की शुरुआत में ही जिले में बोगस और संदेहास्पद सोयाबीन बीजों का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। तिवसा, चांदूर बाजार और मोर्शी तहसीलों से बीज अंकुरित न होने की लगातार शिकायतें मिलने के बाद सैकड़ों किसानों पर दोबारा बुआई का संकट खड़ा हो गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी आशीष येरेकर स्वयं खेतों में पहुंचे और प्रभावित किसानों से चर्चा कर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने कृषि विभाग को पंचनामे तेज गति से पूरा करने, प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने तथा दोषी कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
तिवसा तहसील के किसान साहेबराव अलसपुरे के खेत का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने किसानों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उपविभागीय अधिकारी दादासाहेब दराडे, तहसीलदार डॉ। मयूर कलसे, पुलिस निरीक्षक गोपाल उपाध्याय तथा तालुका कृषि अधिकारी हेमलता इंगले उपस्थित थीं। तिवसा में अब तक बीजों से संबंधित 103 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें 81 शिकायतें केवल सोयाबीन बीज की हैं।
मोर्शी तहसील में भी घटिया बीजों के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। इसके विरोध में भाजपा के नेतृत्व में किसानों ने तहसील कार्यालय पर मोर्चा निकालकर दोषी कंपनियों से मुआवजा दिलाने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि आठ दिनों के भीतर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 'करो या मरो' आंदोलन शुरू किया जाएगा, प्रशासन ने पूरे जिले में शिकायतों की जांच तेज कर दी है और किसानों को शीघ्र न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
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चांदूर बाजार तहसील में एक ही कंपनी के सोयाबीन बीज के खिलाफ 59 किसानों ने शिकायत दर्ज कराई है। प्रारंभिक जांच में लगभग 65 एकड़ क्षेत्र की बुआई प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। कई खेतों में अंकुरण केवल 10 प्रतिशत तक सीमित रहा, जबकि कुछ खेतों में बीज बिल्कुल नहीं उगे। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल पंचनामा शुरू कर दिया है।