एयर इंडिया (सोर्स: सोशल मीडिया)
अमरावती

Air India First Flying Academy: अमरावती में खुलेगी देश की पहली स्वदेशी फ्लाइंग अकेडमी, DGCA से हरी झंडी

Air India Flying Academy Amravati: महाराष्ट्र के अमरावती स्थित बेलोरा एयरपोर्ट पर एयर इंडिया फ्लाइंग अकेडमी को DGCA से मंजूरी मिल गई है। 10 एकड़ में फैले इस हाई-टेक कैंपस से जुड़ी पूरी जानकारी पढ़ें।

गोरक्ष पोफली

Highlights

  • महाराष्ट्र के अमरावती स्थित बेलोरा एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की नई फ्लाइंग एकेडमी बनेगी।

  • इस हाई-टेक एविएशन ट्रेनिंग कैंपस को शुरू करने के लिए डीजीसीए से मंजूरी मिल गई है।

  • अकेडमी के पहले बैच में 180 कैडेट्स को कमर्शियल पायलट लाइसेंस का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Commercial Pilot License CPL Course India: भारतीय एविएशन सेक्टर को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के उद्देश्य से एयर इंडिया ने एक बड़ा कदम उठाया है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने महाराष्ट्र के अमरावती स्थित बेलोरा एयरपोर्ट पर एयर इंडिया फ्लाइंग अकेडमी स्थापित करने के लिए आधिकारिक तौर पर मंजूरी पत्र जारी कर दिया है।

यह भारत में किसी भी स्वदेशी एयरलाइन कंपनी द्वारा शुरू की जाने वाली देश की पहली फ्लाइंग अकेडमी होगी।

10 एकड़ में फैला हाई-टेक कैंपस

महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी और टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से विकसित यह अकेडमी अमरावती के बेलोरा एयरपोर्ट पर 10 एकड़ में फैली हुई है। इस विश्वस्तरीय कैंपस का लगभग 95% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

इस परिसर में डिजिटल क्लासरूम्स, हॉस्टल, डाइनिंग हॉल, एक डिजिटल ऑपरेशंस सेंटर, ब्रीफिंग रूम्स, हैंगर और एक समर्पित एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस सुविधा जैसी अत्याधुनिक व्यवस्थाएं शामिल हैं।

34 आधुनिक विमानों का बेड़ा और सिम्युलेटर

पायलट ट्रेनिंग के लिए बेलोरा एयरपोर्ट पर कुल 34 अत्याधुनिक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट तैनात किए गए हैं। इनमें, 31 सिंगल-इंजन पाइपर आर्चर एयरक्राफ्ट और 3 ट्विन-इंजन डायमंड DA42 NG एयरक्राफ्ट शामिल हैं।

इन सभी विमानों में आधुनिक गारमिन G1000 NXi कॉकपिट सिस्टम और ADS-B ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी दी गई है। इसके अलावा, कैडेट्स को असली उड़ान से पहले अभ्यास के लिए तीन फ्लाइट सिम्युलेटर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

180 कैडेट्स का पहला बैच और 18 महीने का CPL कोर्स

अकेडमी में एक महीने के भीतर व्यावहारिक फ्लाइट ट्रेनिंग शुरू करने की योजना है। इसके पहले बैच में 180 कैडेट्स शामिल होंगे।

व्यक्तिगत मार्गदर्शन सुनिश्चित करने के लिए प्रति 6 प्रशिक्षुओं पर 1 फ़्लाइट इंस्ट्रक्टर (6:1) का अनुपात रखा जाएगा। कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) का यह कोर्स 18 महीने की अवधि का होगा।

प्रत्येक कैडेट को कुल 200 घंटे की वास्तविक उड़ान पूरी करनी होगी, जिसमें 185 घंटे सिंगल-इंजन और 15 घंटे मल्टी-इंजन एयरक्राफ्ट पर उड़ान शामिल है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमरावती का अनुकूल मौसम वर्ष में कम से कम 300 दिन उड़ानों के लिए पूरी तरह उपयुक्त रहेगा।

आत्मनिर्भर बनेगा भारतीय एविएशन

अमरावती शहर की इस फ्लाइंग अकेडमी के अलावा एयर इंडिया ने गुरुग्राम में भी 6 लाख वर्ग फीट में फैले दक्षिण एशिया के सबसे बड़े एविएशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में भारी निवेश किया है। एयर इंडिया का यह प्रयास देश में पायलटों की बढ़ती मांग को पूरा करने और भारत के विमानन इकोसिस्टम को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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