Amravati Paratwada Case Mobile Data Recovery: अमरावती पुलिस को परतवाड़ा यौन शोषण मामले में बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने जब्त किए गए आरोपियों के 5 मोबाइल फोन में से 3 का डेटा फॉरेंसिक लैब की मदद से सफलतापूर्वक रिकवर कर लिया है।
इस कार्रवाई के बाद इस मामले से जुड़े कई अहम राज सामने आने की संभावना बढ़ गई है। परतवाड़ा में सामने आए कथित यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग मामले ने राज्य की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। आरोप है कि कुछ युवतियों का यौन शोषण कर उनके अश्लील वीडियो बनाए और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल किया।
पुलिस ने इस मामले में कुल 5 मोबाइल फोन जब्त किए थे, जिनमें कई आपत्तिजनक वीडियो, फोटो और चैट्स होने की आशंका थी। हालांकि, सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने इन डाटा को डिलीट कर दिया था, जिससे स्थानीय स्तर पर उन्हें रिकवर करना मुश्किल हो गया था।
इसके बाद सभी मोबाइल फोन को फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) भेजा गया। लैब की रिपोर्ट के अनुसार 3 मोबाइल का डिलीट किया गया पूरा डेटा रिकवर कर लिया गया है। अब पुलिस को उम्मीद है कि इस डेटा के आधार पर रैकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान हो सकेगी और यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या और भी युवतियां इस जाल का शिकार हुई हैं। साथ ही आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जाएगी।
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पुलिस ने इस मामले में एक 15 वर्षीय पीड़िता का बयान दर्ज किया है। कथित रूप से वायरल हुए आपत्तिजनक वीडियो और फोटो सामने आने के बाद दो लड़कियों के साथ यौन शोषण की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने पीड़िताओं से डरने के बजाय सामने आने की अपील की थी। अमरावती ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद के मार्गदर्शन में गठित एसआईटी ने लगातार जांच करते हुए पीड़िता को नागपुर से खोज निकाला और उसे अमरावती लाकर उसका बयान दर्ज कराया।